चिड़ियाघर में पॉलीथिन प्रतिबंध की उड़ रहीं धज्जियां: Zoo के अंदर खुलेआम बिक रहे खिलौने, खतरे में पड़ी जानवरों की जान

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में पॉलीथिन प्रतिबंध में दर्शकों को तो गेट से पानी की बोतल तक नहीं ले जाने दी जाती, लेकिन अंदर पॉलीथिन में पैक प्लास्टिक खिलौनों, खाने पीने की सामग्री बेची जा रही है। चिड़ियाघर प्रबंधन के इस दोहरे रवैये से जानवरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है।

परिसर के मुख्य द्वार के निकट खिलौनों की दुकान पर प्लास्टिक से बने खिलौने पॉलिथिन में पैक कर बेचे जा रहे हैं। बच्चों की जिद के आगे मजबूर अभिभावक खिलौने खरीद लेते हैं और इन्हें लेकर पूरे चिड़ियाघर परिसर में घूमते हैं। इस दौरान खिलौनों की पैकिंग से निकली पॉलिथीन हवा में उड़कर जानवरों के बाड़ों तक पहुंच रही है। कई बार यह पॉलिथिन जानवरों के शरीर और बालों में उलझ जाती है, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इस संबंध में प्राणि उद्यान निदेशक अदिति शर्मा ने कहा कि चिड़ियाघर में प्लास्टिक का सामान ले जाना प्रतिबंधित है। यदि कोई दर्शक पॉलीथीन के साथ बाड़े या परिसर में पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है। जानवरों की सुरक्षा को लेकर हम गंभीर हैं। परिसर में नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार की बिक्री हो रही है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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वन्यजीवों के प्लास्टिक और पॉलीथीन खाने से हो सकता है ये नुकसान

वन्यजीवों के प्लास्टिक-पॉलीथीन खाने से उनके पाचन तंत्र प्रभावित होने के साथ वह आंतरिक चोट के शिकार हो सकते है। इसके साथ ही भूख न लगने और प्रजनन संबंधी समस्याएं होने के साथ सही समय में इलाज न मिलने की दशा में जीव की दर्दनाक मौत तक हो सकती है।

नियमों की खुलेआम अनदेखी

चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से परिसर में दाखिल होते ही दर्शकों के बैग की जांच की जाती है, जिससे कोई भी पॉलीथीन या प्लास्टिक सामग्री को अंदर न ले जा सके। यदि कोई दर्शक पॉलीथीन के साथ बाड़े या उसके आसपास पकड़ा जाता है तो उससे जुर्माना भी वसूला जाता है। इसके बावजूद परिसर के अंदर प्लास्टिक सामानों की बिक्री होना नियमों की अनदेखी को बताता है।

 

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