बरेली : सिर्फ जुबान से ''आई लव मुहम्मद'' कह देना काफी नहीं

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Published By Pradeep Kumar
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उर्स ए तहसीनी में बोले उलमा, सच्चे दिल से इस पर अमल करके दिखाना है

बरेली, अमृत विचार। तहसीन रजा खां का 19 वां उर्स शानो-शौकत से साथ मनाया गया। गुरुवार दोपहर 12.30 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। देश में अमन चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई। उर्स के मंच से उलमा ने कहा कि सिर्फ जुबान से आई लव मुहम्मद कहना काफी नहीं है, सच्चे दिल से उस पर अमल करना जरूरी है।

उर्स-ए-तहसीनी के आखिरी दिन सुबह ''हुस्सामुल हरमैन कॉन्फ्रेंस'' शुरू हुई। कारी अल्ताफ तहसीनी ने कलाम-ए-पाक की तिलावत से कॉन्फ्रेंस का आगाज किया। इसके बाद अल्लामा ततहीर अहमद और मौलाना इरफान उल हक (खटीमा) ने खिताब किया। उर्स के मंच से सूफी रिजवान रजा खां ने कहा कि सिर्फ जुबान से ''आई लव मुहम्मद'' कह देना काफी नहीं है, सही मायने में सच्चे दिल से इस पर अमल करके दिखाना है। सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खां नूरी ने तकरीर में कहा कि आला हजरत ने नबी की सच्ची मुहब्बत की वसीयत फरमाई है। हमें सख्ती के साथ मसलक-ए-आला हजरत का पाबंद रहना है। दरगाह तहसीनी के प्रवक्ता सगीर उद्दीन नूरी ने बताया कि उसके बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। कॉन्फ्रेंस में आजम तहसीनी, इश्तयाक तहसीनी, शाहरुख तहसीनी, मकसूद तहसीनी और नईम तहसीनी ने नातो-मनकबत के नजराने पेश किए। कारी तस्लीम रजा खां, खानकाह-ए-तहसीनिया के प्रबंध इंजीनियर सुहेब रजा खां, नायब सज्जादगान सफवान रजा खां और अमान रजा खां, हाजी यूसुफ नूरी, मौलाना हसन रजा खां, यामीन तहसीनी, जकी तहसीनी, बबलू खान, काशिफ तहसीनी, फाजिल तहसीनी, मुशाहिद रफत समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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