प्रदेश में खरीफ फसलों का 10-15 दिन में होगा भुगतान, क्रॉप कटिंग कर किसानों को दी जाएगी क्षतिपूर्ति
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में ''प्रधानमंत्री फसल बीमा'' योजना के तहत बीमित खरीफ फसलों के क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कृषि निदेशालय ने बीमा कंपनियों को निर्देश जारी करके क्षतिपूर्ति की रिपोर्ट मांगी है। किसानों को मानकों के आधार पर उपज कम निकलने पर 10 से 15 दिन में भुगतान कर दिया जाएगा।
प्रदेश में 20 लाख से अधिक किसानों ने खरीफ वर्ष 2025-26 में धान, मक्का, बाजरा, उड़द, मूंग समेत अन्य फसलों का बीमा कराया था। अगस्त और सितंबर के बीच बराबर बारिश से मध्यावधि की फसलों को नुकसान पहुंचा और पॉलिसी के आधार पर किसानों ने व्यक्तिगत दावे किए।
इस आधार पर सरकार ने ढाई लाख किसानों को दो चरण में व्यक्तिगत दावा व मध्यावधि फसलों का सर्वाधिक 200 करोड़ रुपये भुगतान किया है। अब बीमा पॉलिसी के आगे के क्रम में सभी जिलों में क्रॉप कटिंग यानी फसलों की कटाई कर नुकसान का आकलन किया गया है। इस प्रक्रिया में मानकों के अनुसार उपज कम होने पर क्षतिपूर्ति मानकर किसानों को भुगतान किया जाएगा।
कृषि निदेशालय ने ज्यादातर जिलों से रिपोर्ट जुटा ली है। बीमा कंपनियों से भी रिपोर्ट मांगी है। 10 से 15 दिन में किसानों को भुगतान भी कर दिया जाएगा। इस बार खरीफ की क्रॉप कटिंग का क्लेम भी पहले से अधिक होने की बात कही जा रही है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। खरीफ की एक लाख से ज्यादा पॉलिसी दस्तावेज व अन्य कमियां मिलने पर पूर्व में निरस्त की जा चुकी हैं।
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