निवेश की कहानी अब सिर्फ कागजों तक नहीं, धरातल पर उतर रही है नई ऊंचाइयों पर! यूपी बनी निवेश का नया हब

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश अब देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक विकास केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक नीतिगत सुधार, सिंगल विंडो सिस्टम और तेज अनुमतियों का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। इसका ताजा और सशक्त उदाहरण अशोक लेलैंड का नया प्लांट है, जो यह साबित करता है कि प्रदेश में निवेश अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि तेजी से उत्पादन और रोजगार में बदल रहा है।

निवेश की कहानी सिर्फ एक परियोजना तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश की निवेश यात्रा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। 2018 के उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। 2023 के यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अगले साल 45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से धरातल पर उतारने की ठोस शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने यह साबित किया है कि यहां निवेश के लिए केवल आकर्षक नीतियां ही नहीं, बल्कि मजबूत क्रियान्वयन व्यवस्था भी मौजूद है।

तेज अनुमतियां, उद्योग-अनुकूल माहौल, बेहतर बुनियादी ढांचा और प्रभावी प्रशासनिक सहयोग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अशोक लीलैंड के प्लांट में करीब 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। परियोजना की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी और दो वर्षों से भी कम समय में प्लांट का धरातल पर उतर आना प्रदेश की बदली हुई कार्यसंस्कृति और मजबूत क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है। निवेश अब कागजों से निकलकर कारखानों, उत्पादन लाइनों और रोजगार के अवसरों में बदल रहा है।

6 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश जमीन पर उतारने की तैयारी

योगी सरकार जीबीसी-5 के माध्यम से 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश को जल्द ही जमीन पर उतारने की तैयारी में है। अबतक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 16,000 से ज्यादा परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुका है। इनमें से 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 8,300 से ज्यादा परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी हैं। वहीं 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं।

औद्योगिक उत्पादन में भी दिख रही मजबूती

प्रदेश की औद्योगिक प्रगति औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में भी परिलक्षित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च 2025 के दौरान विनिर्माण सूचकांक 167.97 और सामान्य सूचकांक 157.73 है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन लगातार मजबूती पकड़ रहा है।

 

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