प्रभु श्रीरामलला के भोग की होगी फूड सेफ्टी ऑडिट, प्रसाद बनाने की दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
अयोध्या, अमृत विचार: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्री रामलला और राजा राम को प्रतिदिन अर्पित होने वाले भोग-प्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता अब फूड सेफ्टी मानकों पर परखी जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की विभागीय ऑडिट टीम राम मंदिर परिसर स्थित सीता रसोई का विस्तृत परीक्षण करेगी। ऑडिट में सभी मानक पूरे पाए जाने पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को फूड सर्टिफिकेशन प्रदान किया जाएगा।
खाद्य आयुक्त माणिक चन्द्र सिंह ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर देवता को अर्पित किए जाने वाले भोग-प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह सर्टिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से इस विषय पर बातचीत हुई थी। उस समय यह सहमति बनी थी कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद रसोई पूरी तरह तैयार होने पर ऑडिट कराया जाएगा।
प्रसाद बनाने वाले कर्मचारियों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
खाद्य आयुक्त ने बताया कि सर्टिफिकेशन के बाद रसोई में कार्यरत कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें उन्हें फूड सेफ्टी, हाइजीन, स्टोरेज और प्रसाद निर्माण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। जिससे भगवान श्रीराम को अर्पित होने वाला भोग पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि पूर्व में सामने आए इलायची प्रकरण में भी खाद्य सामग्री की प्रयोगशाला जांच कराई गई थी। जिसमें वह पूरी तरह शुद्ध पाई गई थी।
आम श्रद्धालुओं को वितरित किया जाने वाला प्रसाद पहले भी जांच में मानकों पर खरा उतर चुका है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी प्रकार का समझौता किए बिना स्वास्थ्य, शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, ताकि प्रभु श्रीराम को अर्पित किया जाने वाला प्रत्येक भोग फूड सेफ्टी मानकों पर खरा उतरे।
