पकड़ा गया फरार KGMU रेजिडेंट डॉक्टर, प्रशासन सख्त; अब नहीं कर पाएगा MD की पढ़ाई, दाखिला होगा रद्द

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शादी का झांसा देकर यौन शोषण और गर्भपात कराने के आरोपी जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज उद्दीन नायक पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की गई है। विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर आरोपी का दाखिला रद्द करने की सिफारिश की है। इसके बाद डॉ. रमीज के लिए केजीएमयू में एमडी की आगे की पढ़ाई का रास्ता बंद हो जाएगा।

शुक्रवार को ब्राउन हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब सवा साल पहले डॉ. रमीज उद्दीन नायक ने नीट के माध्यम से पैथोलॉजी विभाग में एमडी कोर्स में दाखिला लिया था। इसी विभाग की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कुलपति के अनुसार 22 दिसंबर की सुबह पीड़िता ने विशाखा कमेटी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने उसी दिन दोपहर में बैठक कर पीड़िता और आरोपी दोनों के बयान दर्ज किए। पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि 6 जुलाई 2025 को उसकी मुलाकात डॉ. रमीज से हुई थी। आरोप है कि शादी का झांसा देकर आरोपी ने उसके साथ यौन शोषण किया और बाद में गर्भपात भी कराया।

पीड़िता का कहना है कि सितंबर में उसे जानकारी मिली कि डॉ. रमीज पहले से ही एक अन्य महिला डॉक्टर से शादी कर चुका है। यह जानने के बाद उसने आरोपी से संबंध समाप्त करने का फैसला किया। आरोप है कि 14 दिसंबर को डॉ. रमीज ने व्हाट्सएप के जरिए पहली पत्नी को छोड़ने का दावा किया, लेकिन पीड़िता ने किसी भी तरह का रिश्ता रखने से इनकार कर दिया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की अश्लील फोटो, वीडियो और व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इससे पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। इसके बावजूद आरोपी का उत्पीड़न जारी रहा। आजिज आकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। कुलपति ने बताया कि शिकायत मिलते ही विशाखा कमेटी की बैठक हुई, जिसमें पीड़िता, आरोपी और विभाग से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए। 

प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी रेजिडेंट को निलंबित कर परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। करीब 15 दिन तक चली विस्तृत जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट में डॉ. रमीज का केजीएमयू से दाखिला रद्द करने की संस्तुति की गई है। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी पीजी रेजिडेंट का दाखिला रद्द करने की सिफारिश की गई है।

50 हजार का इनामी केजीएमयू का डॉक्टर गिरफ्तार

केजीएमयू की महिला रेजिडेंट से यौन शोषण, गर्भपात और मतांतरण के लिए उकसाने वाले आरोपी डॉक्टर रमीज उर्फ रमीजउद्दीन नायक को चौक पुलिस ने शुक्रवार को सिटी रेलवे स्टेशन गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रमीज की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी रमीज हुसैनाबाद स्थित मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट में अपने किराए के फ्लैट से अहम दस्तावेज निकालकर उन्हें ठिकाने लगाकर कोर्ट में सर्मपण करने की फिराक में था। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और कुछ रुपये मिले हैं। मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।

डीसीपी पश्चिम ने बताया कि आरोपी डॉ. रमीज मूल रूप से पीलीभीत के न्यूरिया स्थित मोहल्ला मोहम्मद यार खां कस्बे का रहने वाला है। उसका एक मकान उत्तराखंड के उधम सिंह नगर खटीमा के सुभाष नगर स्थित दुर्गा नेहरू में भी है। आरोपी रमीज ठाकुरगंज के हुसैनाबाद में शीश महल तालाब के पीछे मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या-303 में रहता था। आरोपी केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर था। 23 दिसंबर को पैथालॉजी विभाग की जूनियर रेजिडेंट ने रमीज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी।

पीड़िता मूल रूप से पश्चिम बंगाल रहने वाली थी। उसने आरोप लगाया था कि डॉ. रमीज से जुलाई 2025 में उसकी मुलाकात हुई थी। रमीज ने प्रेम जाल में शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया था। उसके बाद शादी से इंकार कर दिया। धमकाया था कि जबतक धर्म परिवर्तन कर इस्लाम धर्म नहीं स्वीकार करोगी, तबतक शादी नहीं करेगा। मारपीट करते हुए गर्भपात भी कराया था। जिंदगी बर्बाद होती देख पीड़िता ने नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी।

डीसीपी ने बताया कि पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष हुए बयान के बाद आरोपी डॉ. रमीज फरार हो गया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय और सर्विलांस सेल प्रभारी समेत चार टीमें लगायी गयी थी। साथ ही एजेंसियां भी आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। आरोपी पर 25 हजार और फिर बढ़ाकर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बुधवार को चौक पुलिस ने हुसैनाबाद, पीलीभीत और खटीमा में रमीज के तीनों आवास पर कुर्की की नोटिस चस्पा की थी।

बेटे की करतूत में माता-पिता भी थे शामिल

पीड़िता ने रमीज के माता-पिता पर मतांतरण के लिए दुष्प्रेरित करने, धमकाने और मारपीट के आरोप लगाए थे। जिसके बाद पुलिस ने 5 दिसंबर को पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

सरंडर के लिए वकालतनामा पर साइन करने बस से लखनऊ पहुंचा था रमीज

यौन शोषण, गर्भपात और मतांतरण के मामले में फरार होने के बाद डॉ. रमीज उर्फ रमीजउद्दीन अपनी पहचान छिपाकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में छिपता रहा। दिल्ली, शाहजहांपुर, बरेली में होटलों में फर्जी नाम बताकर छिपता था। इसके साथ ही रमीज उत्तराखंड के दो जिलों में अपने रिश्तेदारों के घर भी रुका था। आरोपी रमीज दिल्ली से पांच जिलों से होते हुए लखनऊ पहुंचा था। आरोपी अपने पिता सलीमउद्दीन की मदद से एक अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए प्रयास कर रहा था। इसी दौरान 5 जनवरी को पुलिस ने सलीमउद्दीन और मां खतीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सर्मपण के लिए रमीज को वकालतनामे पर साइन करना था, इसीलिए वह लखनऊ आ रहा था। मुखबिर की सूचना मिलते ही शुक्रवार दोपहर सिटी स्टेशन के पास बस रोककर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

उधर, केजीएमयू में हंगामा होने के चलते जांच अधिकारी इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय व अधिकारी आरोपी रमीज से बहुत देर तक पूछताछ नहीं कर सके। आरोपी ने करीब 3 घंटे में करीब 30 सवाल पूछे गए। जिसपर वह गोलमोल जवाब देता रहा। पूछताछ में उसने नोएडा की डॉक्टर से यौन शोषण, मतांतरण के बाद निकाह की बात स्वीकारी थी। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िता को उसने दोस्त बताया। आरोपी खुद को बचाने के लिए पीड़िता के आरोपों को नकारता रहा।

बताया जा रहा है कि मामला उछलने और मीडिया में आने पर वह दिल्ली निवासी परिचित के पास चला गया था। वहां से वह पिता सलीमउद्दीन से लगातार अपडेट ले रहा था। नोएडा निवासी युवती के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने माता-पिता का नाम बढ़ाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पिता के जेल जाने के बाद उसे सरंडर करने में दिक्कत होने लगी थी। उसने अधिवक्ता से संपर्क कर वकालतनामे पर साइन करने के लिए शुक्रवार दोपहर बुलाया था।

गुरुवार को वह दिल्ली से शाहजहांपुर पहुंचा, फिर सीतापुर और वहां से बस के जरिए लखनऊ आ रहा था। पुलिस को सूचना पहले से थी तो गिरफ्तारी के लिए सिटी स्टेशन के पास टीम ने बस को रोककर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मिले मोबाइल को जांच के लिए फाॅरेंसिक भेजा गया है।

टीवी व अखबार में पढ़ता था अपनी खबरें

लखनऊ से भागने के दौरान उसने फोन का प्रयोग नहीं करता था। टीवी और समाचारपत्रों में छपी खबरों से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह होटल में अपनी पहचान छिपाकर रहता था। होटल में रहने के दौरान और बाहर निकलते समय मफलर और मास्क लगाकर रहता था। जिससे कोई उसे पहचान न सके। पिता सलीमउद्दीन और मां खतीजा की गिरफ्तारी होने पर वह बहुत परेशान था।

काजी और निकाहनामा के गवाह की तलाश

पुलिस की दो टीमें अब पीलीभीत के फीलखाना में रहने वाले काजी जाहिद हसन राना और निकाहनामा के गवाह की तलाश में न्योरिया के शाकिर खान की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा। टीमें दोनों आरोपियों के घरवालों और रिश्तेदारों के संपर्क में हैं। जल्द ही इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

चीफ प्राक्टर ने यह दी तहरीर

चीफ प्राक्टर डाक्टर आरएएस कुशवाहा ने बताया कि अपर्णा यादव के आगमन की सूचना पर उनके समर्थक एकत्र हो रहे हैं। पहले से उनके आने की जानकारी न होने के चलते किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए केजीएमयू के सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। वहां 150 से 200 लोग मौजूद थे। इसके बाद अपर्णा यादव का वाहन कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा। वाहन रुकते ही एकत्रित भीड़ उग्र हो गई और कुलपति समेत विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अभद्र नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने कुलपति कक्ष का दरवाजा तोड़कर जबरन प्रवेश किया, भीतर तोड़फोड़ की और अभद्र नारे लगाए। कुलपति का मोबाइल तक गायब हो गया। आरोप है कि इस घटना से सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान, महिला शिक्षकों से अभद्रता, छात्रों की परीक्षा में व्यवधान और परिसर में भय का माहौल पैदा हुआ, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

इन धाराओं में दर्ज हुई थी रिपोर्ट

64(2) ड- दुष्कर्म
69- विवाह का झूठा वादा
89- बिना सहमति गर्भपात
123- जहर या बेहोशी की दवा देना
61 (2) क- आपराधिक षड्यंत्र
115(2)- स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
352- शांतिभंग
351(1)- आपराधिक धमकी
3/5 (1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम 2021

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