अंकिता भंडारी केस : उत्तराखंड बन्द का मिश्रित असर, कांग्रेस ने किया यह दावा
देहरादून। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में हुए अंकिता भंडारी प्रकरण में दोषियों को आजीवन कारावास का दण्ड घोषित होने के बाद मामले में कथित वीआईपी का नाम शामिल होने की चर्चाओं के बाद मामले की उच्चतम न्यायालय के पदस्थ न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करते हुए रविवार को आयोजित प्रदेश बंद का मिश्रित असर रहा।
विभिन्न संगठनों और राजनैतिक दलों ने इस बंद का आह्वान किया था। राजधानी देहरादून, तीर्थनगरी हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, उद्यमसिंह नगर, में बन्द का कोई विशेष प्रभाव नहीं देखने में आया। जबकि अल्मोडा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली में मिला जुला असर रहा।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने दावा किया कि बन्द पूरी तरह सफल रहा। बन्द के आह्वान के कारण देहरादून में एक वर्ग विशेष के लोगों ने अपने ऑटो, विक्रम वाहन नहीं चलाए और न ही प्रतिष्ठान खिले। जबकि दून उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले। जिन स्थानों पर सुबह के समय प्रतिष्ठान बंद रहे, वहां दोपहर बाद खेल गए।
