नव मंत्र से संवरेगा बेटियों का भविष्य, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बना बागपत मॉडल

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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प्रशासन–खाप पंचायतों की साझेदारी से साकार हो रहा योगी का विजन

लखनऊ, अमृत विचार : महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर नई दिशा देने के लिए बागपत में शुरू किया गया “नव देवियों की शक्ति” मॉडल प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार इस पहल में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए नौ अभिनव योजनाएं लागू की गई हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पहली बार जिला प्रशासन और खाप पंचायतें एक साझा मंच पर आकर बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अगुवाई में बागपत में सोच का ढांचा बदला है। अब बेटी को केवल संरक्षण की वस्तु नहीं, बल्कि परिवार और समाज की पहचान माना जा रहा है। घरों के बाहर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगना, ‘मेरी बेटी मेरी कुलदीपक’ जैसे अभियानों के जरिए बेटियों वाले परिवारों का सम्मान और ‘कन्या जन्मोत्सव’ के माध्यम से नवजात बालिकाओं का उत्सव- ये सभी पहल सामाजिक संदेश दे रही हैं कि बेटी बोझ नहीं, भविष्य है।

स्वास्थ्य और पर्यावरण के मोर्चे पर ‘निरा मुहिम’ के तहत रीयूजेबल सेनेटरी पैड वितरित किए जा रहे हैं, जबकि ‘सांस अभियान’ नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। किशोरियों के लिए ‘किशोरी का पिटारा’ जैसे संवाद आधारित प्रयोग उन्हें संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर सवाल पूछने का सुरक्षित मंच दे रहे हैं। बुनकर महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मिशन शक्ति 5.0 के तहत खाप पंचायतों के साथ हुए संवाद में दहेज, ऑनर किलिंग और भ्रूण हत्या के खिलाफ सामूहिक संकल्प ने इस पहल को सामाजिक आंदोलन का रूप दिया है। डीएम अस्मिता लाल के अनुसार, बागपत मॉडल का उद्देश्य बेटियों को केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि समान अवसर, सामाजिक स्वीकृति और आत्मनिर्भरता दिलाना है। यही कारण है कि “नव देवियों की शक्ति” आज महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनकर उभर रही है।

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