जिद भरे निर्णय की भेंट चढ़ गया आलमबाग का मंगल बाजार, 2 हजार व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: आलमबाग में मंगलवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार पहले बाराबिरवा बाजार शिफ्ट किया गया फिर वहां से हटाकर बंगला बाजार पुल भेजा गया, लेकिन वहां अभियंताओं और अधिवक्ता के विरोध के चलते बाजार नहीं लग पाई। व्यापारियों दो गुटों के मतभेद और प्रशासन की मनमानी के चलते साप्ताहिक बाजार के दो हजार व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

शहर में पांच साप्ताहिक बाजार लगते हैं। मंगलवार को आलमबाग, बुधवार को महानगर, गुरुवार को अमीनाबाद, शनिवार को सदर और रविवार को नक्खास में बाजार लगता है। आलमबाग में साप्ताहिक बाजार पहले चंदर नगर गेट के पास लगता था। मेट्रो ट्रेन संचालन निर्माण कार्य के चलते बाजार को बाराबिरवा स्थानांतरित किया गया। लगभग आठ साल से बाजार वहां लग रहा था। बाराबिरवा बाजार की भीड़ के कारण अपोलो अस्पताल तक एम्बुलेंस पहुंचने में दिक्कत होने लगी तो बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया।

साप्ताहिक बाजार का प्रतिनिधित्व दो संगठन करते हैं। एक संगठन का नेतृत्व नदीम सिद्दीकी और दूसरे का वसी उल्ला आजाद के हाथ में है। सिद्दीकी गुट बाजार हटाने की समर्थन में था जबकि वसीउल्ला का गुट विरोध कर रहा था। इस गुट ने बाजार चन्दर नगर में लगवाने की मांग भी की थी। व्यापारियों की फूट का लाभ उठाकर नगर निगम और पुलिस ने वसीउल्ला गुट को साथ मिलाकर बंगला बाजार पुल से तेलीबाग को जोड़ने वाली सड़क पर स्थानांतरित कर दिया। इस सड़क पर पीडब्ल्यूडी कालोनी और सिंचाई विभाग के अभियंताओं की कालोनी है।

सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने अपनी कालोनी के पास की सड़क पर बनाए दुकानों के निशान मिटा दिए और पीडब्ल्यूडी कालोनी की अभियंता कल्याण समिति ने नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता को पत्र लिखकर साप्ताहिक बाजार का विरोध किया है। इस पत्र में अभियंता कल्याण अमिति के अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा है कि आवासीय परिसर में बाजार लगाने से आवागमन तो प्रभावित होगा ही साथ ही सुरक्षा भी प्रभावित होगी। पिछले मंगलवार 5 जनवरी को दोपहर बाद बाजार लगा तो दोनों कालोनी के निवासियों और भदरुख के एक अधिवक्ता ने मोर्चा खोल दिया है। इससे साप्ताहिक बाजार पर संकट खड़ा हो गया है।

इस सम्बन्ध में साप्ताहिक बाजार व्यापारी कल्याण समिति के अध्यक्ष वसी उल्ला आजाद से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मैंने तो पहले ही सही जगह ढूंढे बगैर बाराबिरवा से बाजार नहीं हटाने को कहा था। मैंने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट आने की शिकायत की है। नदीम सिद्दीकी का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

 

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