Bareilly : बेसिक शिक्षा...पदोन्नति का लाभ पाने के लिए शिक्षक बने घनचक्कर
बरेली, अमृत विचार। वर्ष 2015 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नत हुए शिक्षकों को अब तक पदोन्नत पद का वेतन और वित्तीय लाभ नहीं मिला है। इसके लिए शिक्षक बीएसए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को करीब दो दर्जन शिक्षक बीएसए दफ्तर पहुंचे और जनवरी के वेतन में प्रधानाध्यापक पद का वेतन दिलाने की मांग उठाई।
दरअसल, 2015 में जिन शिक्षकों की पदोन्नति जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक पद पर हुई थी। वे लगभग 10 से 11 वर्षों से इसी पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें पुराना ग्रेड पे 4600 के अनुसार ही वेतन दिया जा रहा है। शिक्षकों के अनुसार नियमानुसार प्रधानाध्यापक पद पर रहते हुए उन्हें पहले ग्रेड पे 4800 तथा चयन वेतनमान के तहत 5400 ग्रेड पे का लाभ मिलना चाहिए था। बावजूद उनके वेतन निर्धारण में कोई संशोधन नहीं किया गया। उनके कई साथी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
जबकि कुछ का निधन भी हो चुका है। वर्तमान में जनपद के करीब ऐसे 125 शिक्षक अपना हक मांगने के लिए पिछले 11 साल से अफसर और कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। फिलहाल, बीएसए के न मिलने पर शिक्षक कार्यालय में अपने प्रार्थनापत्र देकर लौट गए। शवीना परवीन, जीनत परवीन, शहला परवीन, किरन वाला, आशा रानी, कमलेश कुमारी, जमुनावती, कंचन अग्रवाल, महेश्वरी देवी, लज्जावती, रामकुमारी, नासिरा बी, नासिर खां, प्रतिभा रानी आर्य, नुजहत परवीन, बीना शर्मा, मलिका सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।
आदेश का इंतजार
शिक्षकों के अनुसार पदोन्नति के समय वरिष्ठता को लेकर कुछ शिक्षकों की ओर से उच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इनमें अधिकांश मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। कुछ याचिकाएं निरस्त हो गई हैं और कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से वापस ले ली गई हैं। बावजूद विभाग की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया। जिससे पदोन्नत शिक्षकों को वेतन लाभ मिल सके।
प्राथमिक शिक्षक संघ को भी सुना चुके दुखड़ा
शिक्षक यह मुद्दा प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के सामने रख चुके हैं। शिक्षकों के अनुसार पदाधिकारियों ने शीघ्र बीएसए से मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
