यूपी के ग्रामीण इलाकाें में नहीं लग पाए वाईफाई, अधर में विशेष सहायता परियोजना
लखनऊ, अमृत विचार : जिले में ''विशेष सहायता परियोजना वर्ष 2022-23'' के तहत ग्रामीण इलाकों के सरकारी भवन निशुल्क वाईफाई से लैस नहीं हो पाए हैं। एक ग्राम पंचायत में कम से कम पांच सरकारी भवन जैसे आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाई स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय आदि में बीएसएनएल को वाईफाई लगाकर निशुल्क सुविधा देनी है।
इस योजना से ग्रामीण इलाकों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने से ऑनलाइन कामकाज किए जाएंगे। हाॅटस्पॉट से आसपास के ग्रामीण भी निशुल्क इंटरनेट इस्तेमाल करेंगे। लेकिन, इस कार्य के लिए बीएसएनएल को सरोजनी नगर, मोहनलालगंज, माल, मलिहाबाद, काकोरी और बीकेटी विकास खंड के सरकारी भवनों से कस्टोडियन यानी अतिरिक्त संरक्षण का विवरण नहीं मिला है।
कस्टोडियन के माध्यम से ही वाईफाई लगेंगे और देखरेख की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। जिन ग्राम पंचायतों से कस्टोडियन उपलब्ध कराए हैं तो उनकी संख्या मानक से कम है। इस संबंध में बीएसएनएल ने मुख्य विकास अधिकारी से पत्राचार करते हुए कस्टोडियन का विवरण मांगा है। इससे पहले यूपी इलेक्ट्रॉनिक काॅरपोरेशन पत्राचार कर चुका है। वहीं, अब तक कुल 494 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 200 सरकारी भवनाें में वाईफाई लग चुके हैं, जो इस माह चालू करने की तैयारी है।
