संभल हिंसा मामला : एएसपी अनुज चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश

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Edited By Amrit Vichar
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संभल, अमृत विचार। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा में गोली लगने से घायल एक युवक के मामले में अदालत ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी व कोतवाल सहित 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा है कि पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं करेगी बल्कि कोर्ट में अपील करेगी। अनुज चौधरी वर्तमान में फिरोजाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हैं।

नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय निवासी यामीन ने 6 फरवरी 2024 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसका बेटा आलम 24 नवंबर को सुबह 9:45 बजे जामा मस्जिद के नजदीक पहुंचा तो वहां भीड़ जमा थी। पुलिस क्षेत्राधिकारी संभल अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर व 15-20 अन्य पुलिस कर्मियों ने अचानक भीड़ पर गोलियां चला दी शुरू कर दीं। आलम जान बचाने के लिए भागा तो पुलिस की दो गोली पीठ में और एक हाथ में लगी। संभल में डॉक्टरों ने मना कर दिया तो मुरादाबाद व अलीगढ लेकर गया। वहां भी डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया तब मेरठ में इलाज कराया।

पुलिस ने अदालत को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि इस मामले में थाने पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। इसके साथ ही आलम का इलाज करने वाले डॉक्टर के बयान व अन्य तथ्य भी अदालत के सामने रखे थे। बहरहाल अदालत ने आदेश दिया कि प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 1734 बीएस से स्वीकार किया जाता है। थाना अध्यक्ष संभल को आदेशित किया कि मामला पंजीकृत कर विवेचना कराई जाए। सूचना न्यायालय के समक्ष 7 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। अनुज तोमर इस समय कोतवाली चंदौसी के प्रभारी निरीक्षक हैं।

पुलिस अधीक्षक संभल कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल हिंसा के मामले में न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी है। जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट ने आदेश किया है उनकी जांच पूरी हो चुकी है। इसलिए हम इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे और इस आदेश के खिलाफ कोर्ट में अपील करेंगे।

 

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