बाराबंकी में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित, BLO ड्यूटी से मुक्त हों शिक्षक, संघ ने प्रदेश सरकार से की मांग

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Published By Anjali Singh
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बाराबंकी, अमृत विचार। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (उ.प्र.) के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि परिषदीय शिक्षकों को बीएलओ, बीएलए तथा पर्यवेक्षक जैसे कार्यों से मुक्त किया जाए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम शिक्षा, शिक्षक और छात्रहित में अत्यंत आवश्यक है। 

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किए बिना गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन का माहौल बनाए रखना कठिन हो गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बीते कई महीनों से शिक्षक पूरे विद्यालय स्टाफ के साथ संलग्न हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। 

शीतकालीन अवकाश के बाद सत्र परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, वहीं निपुण आकलन भी होना है। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, अवकाश उपरांत परीक्षाएं और आकलन के दबाव के बीच पठन-पाठन को दोबारा पटरी पर लाना शिक्षकों के लिए कठिन चुनौती बन गया है। 

स्थिति यह है कि विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और प्रधानाध्यापक तक को बीएलओ, पदाभिहित अधिकारी एवं पर्यवेक्षक के रूप में चुनाव संबंधी कार्यों में लगाया गया है। परिणामस्वरूप शिक्षकों के गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझे रहने से परिषदीय विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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