Bareilly: डैशबोर्ड रैंकिंग से परखी जाएगी रुविवि और महाविद्यालयों की गुणवत्ता

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रदर्शन का आकलन अब डैशबोर्ड रैंकिंग के माध्यम से किया जाएगा। यह रैंकिंग उत्तर प्रदेश डिग्री कॉलेज स्कोर कार्ड पोर्टल के जरिये की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग का डैशबोर्ड रैंकिंग पोर्टल क्रिप्श संस्था के सहयोग से बनाया गया है। क्रिप्श से एमओयू भी किया गया है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।

विश्वविद्यालय और महाविद्यालय की यूपी डिग्री कॉलेज स्कोर कार्ड पोर्टल पर डैशबोर्ड रैंकिंग 43 बिंदुओं पर की जाएगी। इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मानकों को समाहित किया जा रहा है। इसमें प्रमुख रूप से एनआईआरएफ रैंकिंग के स्कोर, नैक ग्रेडिंग, विश्वविद्यालय व कॉलेजों के शैक्षणिक प्रदर्शन, शोध गतिविधियों और बुनियादी ढांचे का मूल्यांकन शामिल है। इस प्रणाली के जरिए यह स्पष्ट होता है कि कोई संस्थान राष्ट्रीय मानकों पर कहां खड़ा है और सुधार की गुंजाइश कहां है। छात्र प्रदर्शन को रैंकिंग का अहम आधार बनाया गया है, जिसमें प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम, उत्तीर्ण प्रतिशत और समयबद्ध परिणामों को शामिल किया गया है। 

संकाय और अनुसंधान से जुड़े संकेतकों में शिक्षकों की संख्या, पीएचडी धारक संकाय, प्रकाशित शोध पत्र और शोध परियोजनाओं को आंका जाएगा। डैशबोर्ड में बुनियादी ढांचे की स्थिति प्रमुख रूप से दर्ज की जाती है। प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, हॉस्टल, खेल सुविधाएं और अन्य शैक्षणिक संसाधन, विद्यार्थियों की हाजिरी, एनआईएफ रैंकिंग, शोधार्थियों के प्रोजेक्ट, शिक्षकों के कैश प्रोमोशन, आईएसओ सर्टिफिकेट, पुरातन छात्र सम्मेलन, एनआईटीएस स्कीम, कैंपस ग्रीन, वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन, ई लाइब्रेरी, महाविद्यालय में छात्रों की संख्या, विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर एमओयू कितने हैं, रोजगार मेला, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय का यूट्यूब चैनल, महाविद्यालय की बेवसाइट आदि शामिल है।

 वहीं डिजिटल पहल के तहत ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, ई-संसाधन, स्मार्ट क्लास और इंटरनेट कनेक्टिविटी को भी मापा जाएगा। इसके अतिरिक्त वित्तीय प्रबंधन आय, व्यय, बजट उपयोग और छात्र कल्याण से जुड़े पहलुओं जैसे छात्रवृत्ति, प्लेसमेंट और इंटर्नशिप की स्थिति को भी रैंकिंग में शामिल किया गया है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि यह डैशबोर्ड विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए एक रोडमैप की तरह काम करेगा। इससे संस्थान अपनी कमजोरियों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे। छात्र और अभिभावक भी उच्च शिक्षा पोर्टल पर जाकर अपने विश्वविद्यालय या कॉलेज की विस्तृत रैंकिंग पर आधारित प्रदर्शन रिपोर्ट देख सकते हैं।

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