अयोध्या में नौकायन को नई ऊंचाई: नाविकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू, विरासत और तकनीक से लैस होंगे नाविक
अयोध्या, अमृत विचार: अयोध्या में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नौकायन (बोटिंग) के प्रति उनकी रुचि है। इसी के मद्देनजर पर्यटन विभाग नाविकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर रहा है। उन्हें अयोध्या विरासत की जानकारी के साथ तकनीकि रूप से तैयार किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्घाटन एक होटल में जिलाधिकारी निखिल टीं. फुंडे ने किया। कहा कि इसका उद्देश्य नाविकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का सशक्त प्रतिनिधि (फ्लैग बेयरर) बनाना है। प्रशिक्षण में नाविकों को नई तकनीकों जैसे डिजिटल भुगतान, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और स्टोरी टेलिंग जैसी पारंपरिक कला से जोड़ना है। प्रथम उपचार (फर्स्ट एड) और सीपीआर पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। एसडीआरएफ प्रतिनिधि ने नदी में उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने, आपातकालीन स्थितियों में सतर्कता और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक सुझाव दिए।
प्रशिक्षण मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज़्म मैनेजमेंट लखनऊ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी नाविकों को पहचान पत्र प्रदान किए जाएंगे। जिससे उनकी विश्वसनीयता एक प्रशिक्षित नाविक के रूप में बढ़ेगी। सरकार के प्रति उनका विश्वास सुदृढ़ होगा। कार्यक्रम में होटल के जनरल मैनेजर रविकांत, सहयोग देने वाले अभिजीत कटियार, रिसर्च स्कॉलर और सीएम टूरिज्म फेलो का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में उप निदेशक पर्यटन ब्रजपाल सिंह, मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट के सहायक प्राध्यापक सुयाश गुप्ता, एसडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर निखिल कुमार मौजूद रहे। राइट अट्रैक्टिव हैडिंग
