रामपुर : बहगुल नदी पर किसानों के श्रमदान से बांध निर्माण शुरू
बिलासपुर में 165 गांवों के किसानों की फसलों को मिलेगा लाभ
रामपुर, अमृत विचार। बिलासपुर क्षेत्र में किसानों ने एक बार फिर सिंचाई संकट के बीच आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने बहगुल नदी की धारा मोड़कर फसलों की सिंचाई के लिए श्रमदान से कच्चे बांध का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
यह अस्थायी बांध बिलासपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र में बहने वाली बहगुल नदी पर हर साल किसानों द्वारा बनाया जाता है। शुक्रवार सुबह किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक जयदीप सिंह बराड़ के नेतृत्व में किसान फावड़े और कस्सी लेकर निर्माण स्थल पर एकत्र हुए। कार्य सुबह से देर शाम तक जारी रहा। इस बांध के बनने से नदी का पानी एक विशाल जलाशय का रूप ले लेता है, जिसे बाद में नहरों के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाता है। इस पहल से दो जनपदों के लगभग 165 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलता है। जलाशय से तहसील के लगभग 17 और बरेली जनपद के 130 गांवों की फसलों को नि:शुल्क सिंचाई का लाभ प्राप्त होता है। वर्तमान में मिट्टी एकत्र करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसके बाद नदी की मुख्य धारा को रोका जाएगा। उम्मीद है कि लगभग दो सप्ताह के भीतर बांध पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
पक्का बांध वर्षों पहले हो गया क्षतिग्रस्त
किसान नेता ने बताया कि बहगुल नदी पर बना पुराना पक्का बांध वर्षों पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से लेकर आज तक किसान पक्के बांध की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी कारण वे हर साल अपने श्रम और संसाधनों से यह कच्चा बांध तैयार करते हैं। किसान लगातार इस बांध पक्का बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हो पाया।
