43 साल बाद भूखंडों के मालिक बनेंगे ट्रांसपोर्टर, लंबे समय के बाद भूखंड फ्री-होल्ड करने की शुरू प्रक्रिया
एलडीए में 29 जनवरी को लगेगा शिविर, आवंटियों में खुशी
लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा लीज पर आवंटित ट्रांसपोर्ट नगर योजना के भूखंड फ्री-होल्ड किए जाएंगे। करीब 43 वर्ष बाद ट्रांसपोर्टर और व्यावसायी अपने भूखंडों के मालिक बनेंगे। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के आदेश पर 29 जनवरी को प्राधिकरण में विशेष कैंप लगेगा।
एलडीए ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना वर्ष 1982 में शुरू करके 1900 भूखंड लीज पर आवंटित किए थे। इसकी सभी ने अदायगी कर दी थी। इसके बाद वर्ष 1995 में शहर से बाहर ट्रांसपोर्टरों और व्यवसाइयों को शिफ्ट कर दिया गया। तब से किरायेदार की तरह रह गए। मालिकाना हक न होने के कारण ट्रांसपोर्टर और व्यावसायी बैंक व कारोबार संबंधित कामकाज के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगाते हैं। वर्ष 2018 में कुछ भूखंड फ्री-होल्ड बेचे गए। तब से अन्य ट्रांसपोर्टर और व्यवसायी भूखंड फ्री-होल्ड की मांग करते आ रहे हैं। कुछ अफसरों ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना फर्जी बताई थी। जो सब्सिडी रेट पर दी गई थी। यह मामला जांच में उलझा रहा था।
वर्ष 2022 में हुआ था फ्री-होल्ड का आदेश
11 मई 2022 में तत्कालीन उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने शासनादेश के क्रम में ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंड फ्री-होल्ड करने का आदेश जारी किया था। इस प्रक्रिया में जो शुल्क है वह भूखंड स्वामियों के लिए निर्धारित किया था। इस क्रम में करीब 400 भूखंड स्वामी ने नई रजिस्ट्री के लिए आवेदन करके शुल्क भी जमा किया था। उनका तबादला होने के बाद प्रक्रिया रुक गई थी। वहीं, 297 भूखंडों की जांच भी चल रही है। जिन पर कब्जा तो है लेकिन दस्तावेज नहीं है। इन भूखंडों को फ्री-होल्ड प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
देते करोड़ों टैक्स, लेकिन सुविधाएं नहीं
फ्री-होल्ड के आदेश से ट्रांसपोर्टरों में खुशी है। लेकिन, आधी-अधूरी सुविधाओं के बीच विकसित करके नगर निगम को हैंडओवर की गई योजना को लेकर उतनी ही नाराजगी है। सड़क, नाली, फायर स्टेशन, सुलभ कॉम्पलेक्स, पिंक शौचालय आदि नहीं बने हैं। पार्किंग के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। करोड़ों रुपये का टैक्स देने के बाद भी सड़कें जर्जर, जलभराव और धूल उड़ती है। इससे आए दिन हादसे होते हैं।
एलडीए द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर योजना के भूखंडों को लीज से फ्री-होल्ड करने का स्वागतयोग्य निर्णय है। वर्षों से लंबित व्यापारियों की मांग को राहत मिलेगी।
- टीपीएस अनेजा, अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट नगर व्यापार मंडल एवं वेयरहाउस ओनर्स एसोसिएशन
फ्री-होल्ड कैंप ट्रांसपोर्ट नगर के वेयरहाउस मालिकों और व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। स्वामित्व की स्पष्टता से निवेश, बैंकिंग और व्यवसायिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
- राजनारायण सिंह (प्रवक्ता), ट्रांसपोर्ट नगर व्यापार मण्डल एवं वेयरहाउस ओनर्स एसोसिएशन
