फार्मर रजिस्ट्री जरूरी पर कराना मुश्किल... आधार, खतौनी और आदेश में दर्ज नाम बढ़ा रहे परेशानी
जिले में 2.45 लाख किसानों में 67 फीसद हुई प्रगति
लखनऊ, अमृत विचार : किसानों के लिए कृषि योग्य भूमि की फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। बिना फार्मर रजिस्ट्री के आगे योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। तेजी से अभियान चल रहा है, लेकिन आधार, खतौनी और आदेश में दर्ज अलग-अलग नामों के कारण मिसमैच होने की समस्या बनी हुई है। भूमि संबंधित जो वाद लंबित हैं या फिर चकबंदी की प्रक्रिया में हैं उन किसानों की भी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
जिले में 2.45 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने का कृषि विभाग को लक्ष्य मिला है। करीब एक वर्ष से चल रही प्रक्रिया में 1.36 लाख (67 फीसद) किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है। आधार, खतौनी और आदेश में दर्ज किसानों के नामों में काफी अंतर होने के कारण नाम मिसमैच होने की वजह से पोर्टल नहीं लेता है। प्रक्रिया के दौरान साफ्टवेयर में मैच स्कोर 15 फीसद से कम है। जो किसान इच्छुक हैं और कराना चाहते हैं तो वह इन्हीं खामियों में फंसे हैं। कहा यह भी जा रहा कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत किसी भी योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा। जल्द आदेश जारी होने वाला है
उपनिदेशक विनय कुमार कौशल ने बताया कि किसान कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक, ग्राम रोजगार सेवक को दस्तावेज देकर रजिस्ट्री जरूर कराएं। या फिर जनसेवा केंद्र पर जाए। जिनके नामों में अंतर हैं वह सुधार करा लें। फार्मर रजिस्ट्री से बैंक लोन या फिर योजनाओं के लिए अलग-अलग जमीन के दस्तावेज नहीं देने पड़ेंगे।
