Bareilly : अतिक्रमण का अभियान में फोटो शूट तक दिखती है सख्ती...असल में कब्जों को खुली छूट
बरेली, अमृत विचार। शहर की प्रमुख सड़कों और बाजारों में अतिक्रमण का ऐसा नजारा है कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी एक लंबी संघर्ष भरी कड़ी बन चुकी है। फुटपाथ और बीच सड़क पर ठेले, अस्थायी दुकानें और मलबे से भरे रास्तों ने नागरिकों को पैदल चलने और आवागमन में अत्यंत कठिनाइयां पैदा कर दी हैं।
सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर, जिला अस्पताल रोड और कुतुबखाना समेत शहर के कई व्यस्त मार्ग अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। नगर निगम बार-बार ''''सख्त अभियान'''' चलाने का दावा करता है, लेकिन जब सच्चाई सामने आती है तो यह सब केवल फोटो शूट का तमाशा बनकर रह जाता है।
निगम की कार्रवाई का असर कुछ ही घंटों में मिट जाता है और अतिक्रमण फिर उसी तरह लौट आता है जैसे कि कभी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं। शहर में कुतुबखाना, सिविल लाइंस और राजेंद्र नगर के बाजार तो पूरी तरह से अतिक्रमणकारियों के कब्जे का मैदान बन चुके हैं। जिला अस्पताल रोड पर बीच रोड और फुटपाथ पर कपड़े की स्थायी दुकानें लगी रहती हैं। दुकानदार खुलेआम सड़क पर बैठते हैं, ठेले सड़क के बीच लगाते हैं और पैदल चलने वाले हाथ-पैर मारते नजर आते हैं। कहीं कपड़े वाले दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है तो कहीं अन्य सामानों के ठेले लगे हैं।
निगम की कार्रवाई नहीं, वसूली की प्रणाली चल रही है
शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कथित सख्ती अब जनता को केवल झूठा ड्रामा लगने लगी है, क्योंकि नगर निगम के कर्मचारी अक्सर वसूली में ही लगे दिखते हैं। भारी भीड़ वाले बाजारों में शामिल कुतुबखाना, सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर की सड़कें और फुटपाथ अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ ठेले वालों या छोटे व्यापारियों तक ही सीमित रह जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार कुछ कार्रवाई होती है, तो वह कैमरे के सामने थोड़ी देर टिकती है और जैसे ही लाइटें बंद होती हैं, अतिक्रमण वहीं का वहीं लौट आता है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है दो दिन पहले श्यामंगज पुल और प्रभा टॉकीज के पास हटाई गईं दुकानें फिर सज गई हैं।
रात में होती है विकराल स्थिति
शहर के चौकी चौराहा, अयूब खां चौराहा समेत कई वीआईपी इलाकों में रात के समय रोड किनारे अवैध ठेले विकराल रूप ले चुके हैं। खासकर चाइनीज़ फूड आइटम बेचने वाले ठेले सड़क के किनारे इस कदर फैल चुके हैं कि रात में अक्सर भारी जाम और अराजकता का माहौल बन जाता है। आम राहगीर बताते हैं कि इन ठेलों के कारण आवाजाही प्रभावित होती है और पैदल चलने वाले भी अपनी जगह से सरकते नजर आते हैं। ।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर में अतिक्रमण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान लोगों से जुर्माना भी वसूला जाता है। फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों की निगरानी की जा रही है, इन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
