मुरादाबाद : पिंकी की हुई जीत, जेल से रिहा हुए राशिद व सलीम

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मुरादाबाद, अमृत विचार। धर्म परिवर्तन कर अपने प्रेमी राशिद से निकाह करने वाली पिंकी की आखिरकार जीत हो गई। न्यायालय के आदेश के बाद पहले उसे ससुराल भेज दिया गया, अब उसके पति और जेठ की भी जेल से रिहाई हो गई। शुक्रवार की देर शाम ही दोनों की रिहाई का परवाना सीजेएम कोर्ट से …

मुरादाबाद, अमृत विचार। धर्म परिवर्तन कर अपने प्रेमी राशिद से निकाह करने वाली पिंकी की आखिरकार जीत हो गई। न्यायालय के आदेश के बाद पहले उसे ससुराल भेज दिया गया, अब उसके पति और जेठ की भी जेल से रिहाई हो गई। शुक्रवार की देर शाम ही दोनों की रिहाई का परवाना सीजेएम कोर्ट से जिला कारागार पहुंच गया था लेकिन वक्त कम होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी थी।

शनिवार को औपचारिकता पूरी करने के बाद दोनों को जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद दोनों को पुलिस की मौजूदगी में कांठ स्थित उनके घर भेजा गया। धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का यह मामला पांच दिसंबर को कांठ क्षेत्र में पकड़ में आया था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कांठ तहसील से एक युवती को पकड़ा था। पूछने पर युवती ने खुद को बिजनौर के दारागंज निवासी पिंकी बताया था।

पूछताछ में उसने बताया कि वह देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रही थी। जहां पर उसकी मुलाकात कांठ निवासी राशिद से हुई। जुलाई में उसने धर्म परिवर्तन कर राशिद से निकाह कर लिया था। तब से वह कांठ स्थित अपनी ससुराल में रह रही थी। बाद में इस मामले में हंगामा बढ़ा तो पिंकी की मां की तहरीर पर कांठ थाने में राशिद व उसके भाई सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल, जबकि पिंकी को नारी निकेतन भेज दिया था। बाद में पिंकी ने नारी निकेतन के अफसरों पर जबरन इंजेक्शन लगाकर गर्भपात करने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी।

पहले मिला ससुराल में आसरा, अब पति व जेठ की हुई रिहाई
पिंकी द्वारा लगाए गए आरोपों को बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने गंभीरता से लेते हुए जांच करवाई। पिंकी की मेडिकल रिपोर्ट व नारी निकेतन में कार्यरत लोगों के बयानों के आधार पर गर्भपात के आरोप को केवल अफवाह बताया गया। हालांकि यह बात दीगर है कि पिंकी अभी भी जबरन गर्भपात कराने के बयानों पर टिकी हुई है। इधर पिंकी ने सीजेएम कोर्ट में भी खुद बालिग बताते हुए ससुरालियों के पक्ष में बयान दिए। जिसके आधार पर बुधवार को उसे कोर्ट के आदेश पर ससुराल भेज दिया गया था।

गुरुवार को पिंकी ने पति राशिद व जेठ सलीम की रिहाई के लिए सांसद एसटी हसन से मुलाकात की। इसके बाद उसने सीजेएम कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से अर्जी दी। जिस पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों को 50-50 हजार के मुचलके पर रिहा करने के आदेश कर दिए थे। शुक्रवार की शाम राशिद व सलीम की रिहाई का परवाना भी जेल अफसरों को मिल गया था लेकिन वक्त अधिक होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी। शनिवार को दोनों के परिजन जेल के बाहर पहुंच गए थे। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद राशिद व सलीम को दोपहर करीब 12 बजे जेल से रिहा कर दिया गया। बाद में पुलिस सुरक्षा में उनको कांठ स्थित घर भेजा गया।

रिहा होते बोला राशिद, बच्चा खोने का रहेगा गम
युवती का धर्म परिवर्तन कराने के बाद निकाह के आरोप में फंसे राशिद और उसके भाई सलीम ने जेल से रिहा होने के बाद राहत की सांस ली। रिहाई के बाद भी काफी टटोलने के बाद भी दोनों ने पुलिसिया कार्रवाई के बारें में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। दोनों ने कहा कि हम केाई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं, बस शांति से रहना चाहते हैं। हालांकि पत्नी के गर्भपात होने पर राशिद ने कहा कि पहला बच्चा खोने का गम हमेशा रहेगा।

कहीं न कहीं जबरन धर्म परिवर्तन कर दो को जेल भेजने के मामले में कांठ पुलिस को भी कहीं न कहीं अपनी गलती का अहसास हुआ। जिसकी वजह रही कि पिंकी ने हर मोड़ पर अपने ससुरालियों का बचाव करते हुए उनके पक्ष में बयान दिए। न्यायालय से लेकर मीडिया के सामने तक उसने हर बार खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से राशिद से निकाह करने की बात कही। वहीं रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जांच की तो कहीं से भी पिंकी का जबरन धर्म परिवर्तन कराने के साक्ष्य नहीं मिले। जिस पर कांठ पुलिस ने दोनों आरोपियों का रिमांड लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने 50-50 हजार के मुचलके पर दोनों को रिहा करने के आदेश कर दिए।

 

 

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