बहराइच में सड़क मरम्मत में अनियमितता पर फर्म ब्लैकलिस्ट, ठेकेदार पर एफआईआर

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Published By Deepak Mishra
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बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के मिहींपुरवा क्षेत्र में सड़क मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर कराई गई जांच के बाद संबंधित निर्माण फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जबकि ठेकेदार के खिलाफ थाना मूर्तिहा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगापुर मंडी से अमृतलाल कॉटा गूढ़ चौराहे होते हुए सुजौली तक 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क के मरम्मत कार्य के लिए 67.59 लाख रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) की स्वीकृति दी गई थी। यह कार्य मंडी परिषद निर्माण खंड गोंडा (देवीपाटन) द्वारा अनुबंध के तहत फर्म विनीत दीक्षित, निवासी टीचर्स कॉलोनी मिहींपुरवा, बहराइच के माध्यम से कराया जा रहा था।

सड़क मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर विभिन्न समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर प्रतिकूल रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य अभियंता ग्रेड-2 गिरधारी लाल से स्थलीय जांच कराई। जांच में पाया गया कि स्वीकृत मानकों के अनुसार पूरी सड़क पर नई पत्थर की परत नहीं डाली गई।

अधिकांश स्थानों पर पुराने खड़ंजे को जेसीबी मशीन से उखाड़कर केवल समतलीकरण कर डस्ट डालकर रोलर चला दिया गया, जबकि कई स्थानों पर सिर्फ गड्ढों में पत्थर और डस्ट भरी गई थी। मुख्य अभियंता ने बताया कि छह स्थानों पर रैंडम जांच में पत्थर की परत की मोटाई मात्र छह से सात सेंटीमीटर पाई गई, जबकि निर्धारित मानक के अनुसार 7.50 सेंटीमीटर मोटाई अनिवार्य थी। इसके अतिरिक्त सड़क के दोनों किनारों पर नई ईंटों से ब्रिक एजिंग किए जाने का प्रावधान था, लेकिन अधिकांश स्थानों पर पुरानी ईंटों का ही प्रयोग किया गया।

जांच रिपोर्ट में कार्य को मानकविहीन बताते हुए अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाया गया। इसके आधार पर पंजीकरण नियमावली के नियम 15 और 19 के अंतर्गत मंडी परिषद में 'अ' श्रेणी में पंजीकृत फर्म विनीत दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए काली सूची में डाल दिया गया है। वहीं अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा की तहरीर पर थाना मूर्तिहा में ठेकेदार विनीत दीक्षित के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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