केजीएमयू कांड: निकाह मामले में डॉक्टर रमीज के साथी गवाह को दबोचा, चौक पुलिस ने पीलीभीत में की थी रेड
आगरा की महिला डॉक्टर का मतांतरण कर कराया था रमीज से निकाह
लखनऊ, अमृत विचार: जूनियर रेजिडेंट से यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोप में जेल गए केजीएमयू के डॉक्टर रमीज मलिक के साथी गवाह शारिक खान को चौक पुलिस ने पीलीभीत पुलिस की मदद से पकड़ लिया है। आरोपी शारिक पहली डॉक्टर पत्नी का मतांतरण कर कराए गए निकाह में गवाह था। चौक पुलिस आरोपी को पीलीभीत से लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गयी है। पुलिस अब काजी की तलाश में दबिशें दे रही है।
दिसंबर 2025 में केजीएमयू की जूनियर रेजिडेंट के साथ शादी का झांसा देकर यौन शोषण, गर्भपात और धर्म परिवर्तन करने का मामला सामने आया था। मामले में छात्रा की तहरीर पर चौक कोतवाली में 23 दिसंबर को केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपी रमीज मलिक का पैतृक मकान न्यूरिया कस्बे में है। लखनऊ पुलिस ने न्यूरिया स्थित आवास पर पहुंचकर फरारी का नोटिस चस्पा किया था। जांच में यह भी सामने आया था कि रमीज मलिक ने आगरा की एक महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर निकाह किया था।
यह निकाह पीलीभीत के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फीलखाना निवासी काजी ने पढ़ा था। निकाह के दौरान पीलीभीत का ही शारिक खान गवाह बना था। पीड़िता की तहरीर पर केस में पीलीभीत न्योरिया के रहने वाले काजी जाहिद हसन राणा और निकाहनामा में गवाह बने शारिक खान को भी आरोपी बनाया गया था। 5 जनवरी को पुलिस ने सलीमुद्दीन और खतीजा को भी गिरफ्तार किया था। मामले में फरार 50 हजार के इनामी आरोपी डॉ. रमीज मलिक को पुलिस ने 9 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
डॉक्टर से हुई पूछताछ के बाद आरोपियों के नाम खोले गए। न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद लखनऊ की चौक कोतवाली पुलिस गुरुवार को पीलीभीत पहुंची। पुलिस ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से पंजाबियान मोहल्ले में छापेमारी कर शारिक खान को पकड़ लिया। लखनऊ पुलिस की छापेमारी के दौरान मोहल्ले में हड़कंप मचा रहा।
