संपत्ति पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण 1 फरवरी से लागू, यहां जानें क्या कहता है यूपी सरकार का नया नियम
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत आधार आधारित प्रमाणीकरण व्यवस्था 1 फरवरी से लागू की जा रही है, जिससे फर्जी रजिस्ट्रियों और छद्म व्यक्तियों के जरिए होने वाले भूमि घोटालों पर प्रभावी रोक लगेगी।
स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने बताया कि रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा–69 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2024 को प्रवृत्त किया गया है। इसके तहत आधार संख्या धारकों की पहचान ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और ई-हस्ताक्षर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्थापित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि विलेख पंजीकरण के दौरान निष्पादकों, पक्षकारों और गवाहों की पहचान के लिए आधार प्रमाणीकरण व्यवस्था 1 फरवरी से प्रदेश के सभी उप निबंधक कार्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाएगी। इस संबंध में सभी उप निबंधक कार्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस व्यवस्था से संपत्ति पंजीकरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और नागरिकों को अधिक सुरक्षित व भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी।
