Bareilly : आम बजट...बढ़ती महंगाई की चुनौतियों पर टिकी नजर, व्यापारियों और उद्यमियों को राहत की उम्मीद
बरेली, अमृत विचार। एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट को लेकर व्यापार जगत के साथ-साथ उद्यमियों की निगाहें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हुई हैं। बढ़ती महंगाई, कच्चे माल की लागत में इजाफा और ऑनलाइन कारोबार की बढ़ती चुनौती ने स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्यमियों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
ऐसे में आगामी बजट से उन्हें बड़ी राहत की उम्मीद है। व्यापारियों और उद्यमियों का मानना है कि यदि सरकार इस बार बजट में जमीनी स्तर पर काम कर रहे छोटे व्यापार, स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को प्राथमिकता देती है, तो इससे न केवल बाजारों में रौनक लौटेगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
आईआईए पूर्व चैप्टर चेयरमैन पीयूष अग्रवाल ने बताया कि छोटे उद्योगों के लिए पूंजी और भूमि की उपलब्धता सबसे बड़ी समस्या है। बैंक ऋण की प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली होती है। बजट में यदि उद्यमियों के लिए आसान लोन, ब्याज में छूट और टैक्स में राहत दी जाती है तो नए उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
युवा उद्यमी रजत महरोत्रा ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में उद्योग जगत अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है। कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी का सीधा असर कारोबार में कमाई पर पड़ रहा है। ऐसे में यदि आगामी बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए आसान और कम ब्याज वाले ऋण की व्यवस्था के साथ करों में रियायत दी जाती है, तो इससे उद्यमियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल प्रांतीय संयुक्त महामंत्री राजेश जसौरिया ने बताया कि आगामी आम बजट से स्थानीय व्यापारियों को बड़ी उम्मीदें हैं। बढ़ती महंगाई और ऑनलाइन कंपनियों की प्रतिस्पर्धा ने छोटे दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इसके लिए एक्ट बनाए। छोटे व्यापारियों के लिए इनकम टैक्स में राहत और बाजारों के विकास के लिए विशेष पैकेज घोषित किए जाएं, ताकि व्यापार को नई दिशा मिले।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने बताया कि आज के समय में मेडिकल स्टोर चलाना पहले जितना आसान नहीं रहा। ऑनलाइन दवा कंपनियों की भारी छूट के कारण ग्राहक वहां आकर्षित हो रहे हैं। यदि बजट में स्थानीय दवा विक्रेताओं को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने, सुरक्षा मानकों को बेहतर करने और आर्थिक सहायता देने के प्रावधान किए जाते हैं, तो छोटे मेडिकल स्टोर टिक पाएंगे।
उद्यमी गौरव मित्तल के मुताबिक अमेरिका में लागू किए गए उच्च टैरिफ के कारण भारत से यूएस को निर्यात होने वाले सामान की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे भारतीय व्यापारियों और निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में बजट से उम्मीद जताई जा रही है कि निर्यातकों को राहत देने के लिए कुछ रिबेट या प्रोत्साहन योजनाएं शामिल की जाएं, ताकि लागत कम हो और व्यापार को फिर गति मिल सके।
हार्डवेयर संगठन अध्यक्ष संजीव मित्तल ने बताया कि स्थानीय बाजारों को संजीवनी देने के लिए अब ठोस और व्यावहारिक नीति की जरूरत महसूस की जा रही है। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने पारंपरिक बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही को काफी हद तक कम कर दिया है। इसे लेकर लंबे समय से विरोध भी हो रहा है। ऐसे में यदि आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं कि व्यापार को मजबूती मिलेगी।
व्यापारी अजय खंडेलवाल ने बताया कि आम बजट को लेकर व्यापार जगत को बहुत उम्मीदें हैं। बिजली, परिवहन और कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है। बजट में यदि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सस्ती ऊर्जा और टैक्स में रियायत दी जाती है तो उत्पादन बढ़ेगा। इससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा और देश की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी।
व्यवसायी राधिका कपूर का कहना है कि नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार को बजट में विशेष प्रावधान करने चाहिए। महिलाओं के लिए उद्यम शुरू करना आज भी चुनौतीपूर्ण है। बजट में महिला उद्यमियों के लिए विशेष पैकेज, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता की घोषणा होनी चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी।
