VIP's के आगे वाह-वाह रामनगरी... बाद में कब्जा करने वालों का घेरा, पौराणिक दंतधावन कुंड भी अतिक्रमण की चपेट में
अयोध्या, अमृत विचार : लाख कवायदों के बाद भी रामनगरी अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो पा रही है। हाल यह है कि वीआईपी दौरे के दौरान शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाता है। उसके बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का दंतधावन कुंड भी इस समस्या की चपेट में है, जिसका सौंदर्य अतिक्रमण के कारण छुप सा गया है। इस मार्ग से रोजाना हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं, फिर भी स्थायी समाधान नहीं दिखता।
दंतधावन कुंड अयोध्या के सबसे प्राचीन कुंडों में से एक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहां भगवान श्रीराम अपने भाइयों के साथ प्रतिदिन दातून (दांत साफ करने) के लिए आते थे। यह कुंड हनुमानगढ़ी के निकट स्थित है और राम मंदिर से ज्यादा दूर नहीं। सदियों पुराना यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहा है। रायगंज जैन मंदिर से दंतधावन कुंड होते हुए रामपथ पर मिलने वाले करीब 200 मीटर का यह मार्ग अति व्यस्तम मार्गों में एक है। इस मार्ग से प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु राम मंदिर व हनुमानगढ़ी दर्शन पूजन को जाते हैं।
इस मार्ग के महत्व को देखते हुए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पौराणिक दंतधावन कुंड का सौंदर्यीकरण किया गया था। वर्तमान में हालात यह है कि यह मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है। मार्ग के दोनों ओर रेहड़ी-फड़ी वालों के साथ पूजन सामग्री, रामनामी, खिलौना समेत अन्य पटरी दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। स्थायी दुकानदारों ने भी नाली के साथ सड़क के कुछ हिस्सों पर कब्जा जमा रखा है। यही नहीं कुंड की बाउंड्रीवॉल पर भी पटरी दुकानदारों ने कपड़े आदि टांग रखे हैं। कुंड में प्रवेश के मुख्य मार्ग के बगल ट्रांसफार्मर से सटकर ही एक बड़ी गुमटी रखी हुई है, इससे कुंड की सौंदर्यता तो छिप ही रही है, साथ ही हादसे का भी खतरा बना रहता है।
1.png)
दो पहिया छोड़ सभी प्रकार के वाहनों की नो एंट्री
सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण होने के कारण करीब 20 फिट के इस मार्ग पर महज 10-12 फिट ही जगह बची है। जल निकासी भी बाधित हो गई है। इस मार्ग पर 15 से 20 होटल व होम स्टे भी बने हुए हैं। अत्यधिक भीड़भाड़ वाला मार्ग होने के कारण यातायात पुलिस ने इस मार्ग पर दो पहिया वाहनों को छोड़ सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। मार्ग के दोनों छोर रायगंज जैन मंदिर व दंतधावन कुंड तिराहा, दोनों जगहों पर यातायात पुलिस के साथ सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं। इसके बावजूद व अनुकंपा के आधार पर इस मार्ग पर ई रिक्शा व ऑटो के साथ चार पहिया वाहनों को प्रवेश दिया जाता है।
स्थानीय लोग बोले, अतिक्रमण के चलते कुंड में प्रवेश नहीं करते श्रद्धालु
स्थानीय जेपी पाठक, वैभव तिवारी, गोपाल ओझा, अमित सिंह आदि का कहना है कि अतिक्रमण के चलते कुंड का सौंदर्य छुप गया है। लोगों को जानकारी ही नहीं होती कि यह भी अयोध्या को कोई पौराणिक स्थान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते यह व्यवसायिक क्षेत्र बन गया है। दो वर्षों में यहां 20 से ज्यादा होटल, गेस्ट हाउस व होम स्टे बन गए हैं। बाहरी दुकानदारों ने खाली जगहों को महंगे किराए पर लेकर यहां अस्थायी निर्माण कर दुकानें खोल रखी है। सड़क की पटरियों पर पटरी दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है। उनका कहना है कि वीआईपी दौरे के दौरान पुलिस इनको हटाती तो जरूर है लेकिन उसके बाद फिर स्थिति यथावत हो जाती है।
समय-समय पर नगर निगम के साथ अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है। पौराणिक कुंड पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-चक्रपाणि त्रिपाठी, एसपी सिटी।
