यूपी : दो साल में कैसे लापता हो गए एक लाख लोग! हाईकोर्ट में गृह सचिव और डीजीपी को किया तलब

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में दर्ज स्वतः संज्ञान याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की। न्यायालय ने इस मामले के संबंध में राज्य सरकार के संबंधित विभागों के पास उपलब्ध सभी आंकड़ों और रिकॉर्ड को तलब किया है । अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तिथि नियत करते हुए, अपर मुख्य सचिव गृह तथा पुलिस महानिदेशक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा सुनवाई के समय उपस्थित रहने का भी आदेश दिया है ।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने उक्त मामले में दर्ज स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। उल्लेखनीय है कि एक गुमशुदा व्यक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के संज्ञान में आया कि यूपी में पिछले लगभग दो साल में 1,08,300 लोग लापता हो चुके हैं, जिनके संबंध में गुमाशुदगी रिपोर्ट दर्ज हैं।

इनमें से मात्र 9700 लोगों का पुलिस पता लगा सकी है। न्यायालय ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक और गंभीर करार देते हुए, मामले को ‘प्रदेश में गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में’ शीर्षक से जनहित याचिका दर्ज करने का आदेश दिया था। अब आगामी 23 मार्च को इस मामले में फिर से सुनवाई होगी।

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