बरेली: 55 दिन बाद भी ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण में नहीं लगी एक भी ईंट

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। इंडियन टर्पेनटाइन रोजिन फैक्ट्री (आईटीआर) की भूमि पर सौ बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण शुरू कराने के लिए अक्टूबर माह में काफी मशक्कत की गयी। रुहेलखंड के पहले सौ बेड के ईएसआईसी अस्पताल के लिए भूमि क्रय करने से लेकर अन्य कागजी कार्रवाई पूरी कराने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार …

बरेली, अमृत विचार। इंडियन टर्पेनटाइन रोजिन फैक्ट्री (आईटीआर) की भूमि पर सौ बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण शुरू कराने के लिए अक्टूबर माह में काफी मशक्कत की गयी। रुहेलखंड के पहले सौ बेड के ईएसआईसी अस्पताल के लिए भूमि क्रय करने से लेकर अन्य कागजी कार्रवाई पूरी कराने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार भी पूरी कोशिश कर रहे हैं।

24 अक्टूबर को छुट्टी के दिन भूमि की रजिस्ट्री करायी गई। 25 अक्टूबर को भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर संतोष गंगवार ने भूमि पूजन संग शिलान्यास किया ताकि अस्पताल का निर्माण जल्द शुरू हो सके। अक्टूबर की तेजी देखकर ऐसा लग रहा था कि अस्पताल के निर्माण का कार्य तेजी से शुरू होगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

शनिवार को ‘अमृत विचार’ की टीम ने अस्पताल के लिए चयनित भूमि का भ्रमण किया। देखा तो वहां न तो निर्माण कार्य चल रहा था और न ही निर्माण संबंधी सामग्री पड़ी थी जबकि शिलान्यास हुए 55 दिन बीत चुके हैं। अस्पताल के निर्माण के नाम पर मौके पर एक भी ईंट नहीं लगी थी। आसपास के लोगों से बात करने पर मालूम हुआ कि तीन दिन पूर्व कार से कुछ लोग आए थे।

साइकिल से एक दो राजमिस्त्री भी आए थे। भूमि देखकर सभी चले गए। 15 साल से बंद पड़ी फैक्ट्री के बंगला नंबर 11 की 18920 वर्ग मीटर भूमि पर सौ बेड का अस्पताल बनना प्रस्तावित है। राज्य कर्मचारी बीमा निगम अत्याधुनिक अस्पताल बना रहा है। अस्पताल बनने के बाद मंडलभर के हजारों कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

24 अक्टूबर को 62.43 करोड़ में खरीदी गई थी भूमि
24 अक्टूबर को आईटीआर फैक्ट्री में बंगला नंबर 11 की 18920 वर्ग मीटर भूमि राज्य कर्मचारी बीमा निगम के नाम की गयी थी। भूमि 62.43 करोड़ रुपये में खरीदी गयी थी। इसमें 4 करोड़ 30 लाख पांच हजार दो सौ रुपये का स्टांप शुल्क भी लगा। 33 हजार प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि खरीदी गयी। रजिस्ट्री कार्यालय अवकाश के दिन खुलवाकर रजिस्ट्री कराई गई। कानपुर से आये राज्य कर्मचारी बीमा निगम के रीजनल निदेशक निरंजन कुमार ने भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिये कागजातों पर हस्ताक्षर किये थे।

2019 में ईएसआईसी अस्पताल बनाने की मिली थी मंजूरी
4 दिसंबर, 2019 को सौ बेड के ईएसआई अस्पताल बनाने के प्रस्ताव पर ईएसआईसी बोर्ड नई दिल्ली ने मुहर लगाई थी। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने अस्पताल के लिए पैरवी की थी। इसके बाद भूमि का चयन हुआ। आईटीआर फैक्ट्री की भूमि चयनित करने के लिए केंद्रीय मंत्री समेत बोर्ड के अन्य सदस्यों ने कई बार निरीक्षण किया। इसके बाद बंगला नंबर 11 की भूमि चयनित की। ईएसआईसी बोर्ड ने अस्पताल बनाने का प्रस्ताव आइटीआर फैक्ट्री के बतौर प्रबंध निदेशक मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद के पास भेजा। मंडलायुक्त की मंजूरी के बाद भूमि ईएसआईसी को बेचने को लेकर फाइल शासन में भेजी गयी। शासन ने बंगला नंबर 11 की भूमि पर मुहर लगाई थी।

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