Bareilly : युवक की हत्या में तीन भाइयों समेत पांच को उम्रकैद, पुआल हटाने के विवाद में हुई थी वारदात
विधि संवाददाता, बरेली। रास्ते के विवाद में 18 साल पहले घर में घुसकर युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में थाना हाफिजगंज के ग्राम औरंगाबाद निवासी तीन सगे भाइयों नन्हे उर्फ रणजीत, सोमपाल, तत्कालीन ग्राम प्रधान संजय व दो अन्य गुड्डा उर्फ विक्रम नाई और नवाबगंज ग्राम के ठिरिया सैदपुर निवासी भजन लाल को परीक्षण में दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने प्रत्येक को आजीवन कारावास व 75-75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। तीनों भाइयों के पिता धर्मपाल की दौरान विचारण मृत्यु होने के कारण उसके विरुद्ध कार्यवाही उपशमित कर दी गयी। जुर्माने की पूरी रकम मृतक के माता-पिता को बतौर मुआवजा मिलेगी।
सरकारी वकील दिगम्बर पटेल व मनोज वाजपेयी ने बताया कि वादी मुकदमा सतीश ने थाना हाफिजगंज में तहरीर देकर बताया था कि 18 मार्च 2008 को उसके गांव के नन्हे ने उसके घर के पास खाली पड़ी जगह में रास्ता बंद करते हुए धान का पुआल लगा दिया था, जिससे हम लोगो का रास्ता बंद हो गया था। पुआल हटाने के लिए कहा था तो यह लोग रंजिश मानने लगे थे। 19 मार्च 2008 को शाम करीब 6 बजे वह मजदूरी करके वापस आया और घर में बैठकर मां, पिता, भाई सुखलाल तथा गांव के दीनानाथ के साथ बैठकर बातें कर रहे थे। तभी नन्हे लाइसेंसी रिवाल्वर, उसका भाई संजय लाइसेंसी राइफल और उसके पिता धर्मपाल लाइसेंसी बंदूक, उसके भाई सोमपाल, भजन लाल और गुड्डा अपने हाथों में तमंचा लेकर गाली गलौज करते हुए उसके घर में घुस आये और हम लोगों के साथ मारपीट करने लगे। उसके भाई सुखलाल ने विरोध किया तो उसके सीने में गोली मार दी, जिसकी मौके पर मृत्यु हो गयी तथा पिता पर भी जान से मारने की नीयत से फायर मारा जिनके सीने व हाथ में गोली लगी।
हमलावरों ने उसके घर की औरतों के साथ मारपीट, गाली गलौज की। संजय सिंह उसके गांव का हेकड़ दबंग प्रधान है, जिसके डर के कारण गांव का कोई भी आदमी सामना करने को तैयार नहीं होता है। संजय सिंह का गांव में काफी आतंक है। भाई सुखलाल की लाश मौके पर पड़ी है। पिता को लेकर आया हूं। तहरीर पर पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के विरुद्ध बलवा, हत्या, अपमानित करने, मारपीट, हत्या के प्रयास, घर में घुसने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। अभियोजन ने 10 गवाह पेश किये।
