एलडीए के भवन को अपना बताकर बिल्डर में बेचा, ठगे 57 लाख...पीड़िता ने बिजनौर थाने में दर्ज करायी रिपोर्ट
लखनऊ, सरोजनीनगर, अमृत विचार: एलडीए के मकान को अपना बताकर जालसाज बिल्डर ने बरेली की महिला को बेचकर 57 लाख ऐंठ लिए। आरोपी ने जाली रजिस्ट्री कर कब्जा दे दिया। फर्जीवाड़े की जानकारी पीड़िता को तब हुई जब एलडीए ने उसका ताला तोड़कर अपना ताला भवन में लगा दिया। पीड़िता ने एलडीए अधिकारियों और बिल्डर के खिलाफ बिजनौर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है। इंस्पेक्टर कपिल गौतम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
बरेली के सैदपुर हाकिंस स्थित कर्मचारी नगर निवासी पूनम सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में प्लॉट खरीदने की इच्छुक थी। मई 2025 में हरिहरपुर स्थित गायत्री नगर निवासी बिल्डर सत्यप्रकाश सिंह ने बिजनौर के अवध रेजीडेंसी औरंगाबाद जागीर स्थित 1085 वर्ग फीट का आवासीय मकान दिखाया था। पसंद आने पर सौदा 52 लाख में तय हुआ था। आरोपी ने 57 लाख रुपये खाते में लेकर फर्जी बैनामा कर दिया था। पूनम ने घर में अपना घरेलू सामान रखकर ताला लगा दिया था।
बाद में लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने मकान में दूसरे का ताला देख उसे तोड़कर अपना लगा दिया था। पीड़िता ने बताया कि एलडीए अधिकारियों ने अंदर रखा उनका सामान चोरी कर लिया था। पीड़िता का कहना है कि एजेंट अजय मिश्रा के माध्यम से उक्त मकान का पंजीकरण इण्डुष इंफ्रा एंड प्राइवेट बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक आशीष त्रिपाठी ने एक लाख रुपये लेकर किया था। पीड़िता ने यह मकान आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से लोन लेकर खरीदा था।
आरोप है कि धोखाधड़ी के चलते उनके पति विपिन चौहान की तबीयत भी बिगड़ने लगी। 57 लाख की धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़िता ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की। आदेश पर बिजनौर पुलिस ने सत्यप्रकाश सिंह और एलडीए के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
