बाराबंकी : भूख-प्यास भूल पैदल चले आ रहे शिवभक्त, भगवामय हुआ महादेवा
दूर-दूर से कांवर लेकर महादेवा की ओर उमड़ा आस्था का सैलाब
रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा में चल रहे महाशिवरात्रि फागुनी मेले में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पूरा मेला क्षेत्र 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से शिवमय हो गया है। रंग-बिरंगी झालरों से सजी कांवड़ें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं।
सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर कंधों पर कांवर लिए भक्त भूख-प्यास की परवाह किए बिना महादेवा की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़िये पहले बोहनिया के पवित्र सरोवर में स्नान कर मंदिर परिसर पहुंचते हैं। फिर वहां त्रिशूल पर कांवर स्पर्श कराने के बाद भगवान शिव का पूजन-अर्चन व जलाभिषेक कर मनोकामना मांगते हैं।

मेला क्षेत्र भगवा रंग में रंगा दिखाई दे रहा है। प्रसाद और पूजन सामग्री की दुकानों पर खरीदारी जोरों पर है, वहीं टेंटों में कांवड़िये भक्ति में झूमते और जगह-जगह लगे भंडारों में प्रसाद ग्रहण करते नजर आए। इसी क्रम में ग्राम मुज्जफरपुर पोस्ट नेवला करसण्डा के महंत आशीष कुमार व छोटे महंत विमलेश कुमार के निर्देशन में लगभग 100 कांवड़ियों का जत्था ब्रह्मकुंड घाट से जलभर 6 फरवरी की शाम करीब 9 बजे कांवर लेकर रवाना हुआ।
जत्थे में कलावती, विमला देवी, सुरेश वर्मा, वीरेंद्र कोटेदार, गजराज गौतम, संदीप वर्मा, वीरेंद्र रावत सहित कई श्रद्धालु शामिल रहे, जो बीते 29 वर्षों से लगातार महादेवा आ रहे हैं। कंधों पर कांवर और हाथों में भगवा व तिरंगा झंडा लिए पुरुष, महिलाएं और बच्चे जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़े, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
