Moradabad: प्रदेश के विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देगा बजट
मुरादाबाद, अमृत विचार। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से केंद्रीय बजट पर चर्चा की। उन्होंने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा संसद में पेश किए गए बजट को उत्तर प्रदेश के विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता को ऊंचाई देने वाला बताया।
कहा कि यह बजट राज्य को इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि और युवाओं का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 प्रदेश के विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देने वाला बजट है।
उन्होंने कहा कि बजट में हाई-स्पीड रेल और रेलवे विस्तार की दिशा में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और रेलवे आधुनिकीकरण का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश को मिलने की बात कही। क्योंकि राज्य पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण रेल नेटवर्क का केंद्र है। इससे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा जैसे शहरों की कनेक्टिविटी और व्यापार दोनों तेज होंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे-यूपी को लॉजिस्टिक हब है। केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय राजमार्ग, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कॉरिडोर पर विशेष जोर दिया गया है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी को जोड़ने वाले कॉरिडोर से उद्योगों की लागत घटेगी और निवेश बढ़ेगा।
छोटे व मध्यम उद्योगों के लिए ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई ग्रोथ फंड इस बजट में बनाया गया है। इससे प्रदेश के कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हैंडलूम, चमड़ा और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। बायोफार्मा शक्ति योजना से मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि में एआई और भारत-विस्तार एआई के माध्यम से किसानों को फसल. मौसम और बाजार की जानकारी मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के किसानों की उत्पादकता और आय दोनों बढ़ेगी।
कैंसर और गंभीर बीमारियों में उपयोग होने वाली 36 जीवनरक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई है जिससे लाखों परिवारों के इलाज का खर्च कम होगा। बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा की गई है। इससे उत्तर प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित आवास और बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शेफाली सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला सहित अन्य मौजूद रहे।
परंपरागत उद्योगों को नई तकनीक से जुड़ने का मिलेगा अवसर
पर्यटन और रोजगार पर भी विशेष जोर है। 10,000 टूर गाइड को प्रशिक्षण देने की योजना से काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों में रोजगार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। देशभर में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण की घोषणा से प्रदेश के परंपरागत उद्योगों को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन और वैश्विक बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती की दिशा में सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास से लखनऊ, कानपुर, नोएडा. गाजियाबाद, आगरा और वाराणसी जैसे शहर रोजगार और स्टार्टअप हब के रूप में उभरेंगे।
