रामनगरी में 48 घंटों से सिटी ई बस सेवा का संचालन ठप, 13 हजार लाइन की केबल कटने से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति
अयोध्या,अमृत विचार। रामनगरी में 48 घंटों से सिटी ई बस सेवा का संचालन पूरी तरह ठप है। विद्युत खराबी के चलते चार्ज न होने के कारण सभी ई-बसें अयोध्या धाम बस स्टेशन परिसर में खड़ी हैं। इससे शहर में आम यात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांच फरवरी से रामपथ पर लता चौक से टेढ़ी बाजार तक ई-रिक्शा वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में ई-बस स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं के लिए लाइफ लाइन बनी हुई थी।
अयोध्या धाम बस स्टेशन परिसर से सटी भूमि पर अंतरराज्यीय बस स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। जेसीबी से बुधवार रात खोदाई के दौरान अयोध्या धाम बस स्टेशन के चार्जिंग सेंटर से जुड़ी 13 हजार लाइन की हाई वोल्टेज केबल कट गई है। यह केबल चार्जिंग स्टेशन को बिजली सप्लाई करने वाली मुख्य लाइन है।
बिजली विभाग और संबंधित अधिकारी दो दिन से फॉल्ट का पता लगाने और मरम्मत में जुटे हैं, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक समस्या पूरी तरह हल नहीं हो पाई है। केबल की मरम्मत में देरी के कारण चार्जिंग पॉइंट पर बिजली नहीं पहुंच रही, जिससे बसों की बैटरी चार्ज नहीं हो पा रही है।
अयोध्या में ई-बसें पर्यावरण अनुकूल परिवहन के रूप में शुरू की गई थीं, खासकर राम मंदिर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए। इन बसों का संचालन रामपथ पर लता मंगेशकर चौक से सहादतगंज तक, सहादतगंज से मेडिकल कॉलेज आदि पर होता है। वहीं 48 घंटे से ई-बसों के चार्ज न होने के कारण वह डिपो में ही खड़ी हैं। बसों के न चलने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दोहरा संकट आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना ई-वाहनों की चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर सवाल भी उठाती है।
अयोध्या जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल पर जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं, वहां बिजली और चार्जिंग व्यवस्था में कोई चूक यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है। स्थानीय प्रशासन को जल्द समाधान निकालना होगा ताकि रामनगरी में परिवहन व्यवस्था पटरी पर लौट सके। ई-बस डिपो के मैनेजर अनूप अवस्थी ने बताया कि बैटरी चार्ज न होने के कारण गुरुवार व शुक्रवार को ई बसों का संचालन नहीं हो सका है। उम्मीद है कि शनिवार से बसें सड़कों पर होंगी।
यात्री बोले, प्रशासन को करना चाहिए वैकल्पिक इंतजाम
अयोध्या धाम निवासी बुजुर्ग मुन्नीलाल मौर्या ने बताया कि उन्हें कचहरी जाना था। बस के इंतजार में घंटों खड़े रहे, बस आएगी की नहीं कोई बताने वाला नहीं है। मजबूरी में टेढ़ी बाजार तक पैदल गए वहां से दोगुना किराया देकर कचहरी गए व आए। कहा कि कोई समस्या है तो सरकार को वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए थे।
अयोध्या निवासी राम रतन पांडेय को कुछ खरीदारी के लिए अयोध्या शहर जाना था। कहा कि वर्तमान में ई बस ही आम आदमी का सहारा है, गुरुवार को भी शहर नहीं जा सके, आज पता चला कि ई बस नहीं चल रही है। प्रशासन को ई रिक्शा संचालन के लिए अनुमति देनी चाहिए ताकि इन परिस्थितियों में लोग यात्रा कर सकें।
अवध विवि में पत्रकारिता विभाग की छात्रा सुगंधा ने कहा कि ई-बस न चलने के कारण घर से करीब दो किमी. पैदल चलकर टेढ़ी बाजार तक जाना पड़ा। इसमें पसीने छूट गए। गुस्से में बोली, क्या ई-रिक्शा से ही जाम लग रहा है, गोल्फकार्ट जाम हटा रहे हैं क्या। कहा कि प्रशासन को विद्यार्थियों के हित की भी बात सोचनी चाहिए।
फैक्ट फाइल
कुल बसें-25
संचालन हो रहा-18
कटरा (गोंडा) से सहादतगंज मार्ग पर-05
लता चौक से सहादतगंज तक-10
सहादतगंज से मेडिकल कॉलेज तक-03
विद्युत खराबी के चलते ई बसों की चार्जिंग में समस्या आई है, शुक्रवार शाम को फाल्ट ढूंढकर मरम्मत शुरू हो गई है। शनिवार से दोबारा संचालन प्रारंभ हो जाएगा।-विमल राजन, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम व प्रबंध निदेशक सिटी ट्रांसपोर्ट सेवा अयोध्या।
