Bareilly : रोशनी में नहाये मंदिर, फूलों से महके चौराहे, नंदी-नटराज भव्य शोभायमान

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप नाथ नगरी में महाशिवरात्रि को भव्य और दिव्य बनाने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण ने कलरफुल फूलों, डिजिटल लाइटिंग की तैयारी की है। उपाध्यक्ष डॉ. ए मणिकंडन ए के निर्देश पर महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर नाथनगरी शिवत्व के शृंगार से सजी नजर आई।

शहर का हर द्वार, चौराहा और हर डिवाइडर भक्तिभाव से आलोकित नजर आ रहा है। रविवार को महाशिवरात्रि है। झुमका तिराहे पर नंदी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई है। नंदी पार्क को सजाया और संवारा जा रहा है। लखनऊ रोड पर भव्य नटराज शोभायमान हैं। भव्य द्वार को भी फूलों से सुसज्जित किया है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए.मणिकन्डन ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व को दिव्य तरीके से मनाया जा रहा है। 

नाथ नगरी को धार्मिक परंपराओं और संस्कृति के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिव के प्रतीकों के माध्यम से सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रवेश द्वारों पर विशाल प्रतिमाएं, विशेष लाइटिंग, लैंडस्केपिंग और थीम आधारित फ्लावर डेकोरेशन का कार्य कराया गया है। अगले एक सप्ताह में झुमका भी स्थापित किया जाएगा। नंदी पार्क का लोकार्पण मुख्यमंत्री करेंगे। इसके बाद ही अंदर जाने की अनुमति होगी। अभी बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे।

दिल्ली मार्ग से आएंगे तो नंदी, लखनऊ से आएंगे तो नटराज का भव्य स्वागत
दिल्ली की ओर से शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत झुमका तिराहे पर स्थापित विशाल नंदी प्रतिमा करेगी। यहां आकर्षक लाइटिंग और विशेष सेल्फी प्वांइट तैयार किया है। बीडीए की ओर से विकसित इस द्वार को अवेद्यनाथ द्वार का स्वरूप दिया है, जो शहर की आध्यात्मिक पहचान को नया आयाम देगा। वहीं, लखनऊ की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को रजऊ तिराहे पर भगवान नटराज और त्रिशूल के दर्शन होंगे। रंग-बिरंगी एलईडी लाइट, सजे हुए डिवाइडर और पौधरोपण से यह चौराहा दर्शनीय स्थल बन चुका है।

फूलों से सजे चौराहे, तीन दिन विशेष शृंगार
शहर के प्रमुख चौराहों, सराफा बाजार से लेकर किला-कुतुबखाना तक गेंदे और गुलाब की मालाओं से सजावट पूरी कर ली गई है। 14 से 16 फरवरी तक विशेष पुष्प शृंगार रहेगा। अलग-अलग सेक्टरों में सड़कों को थीम आधारित सजाया है। कहीं शिवलिंग और डमरू की फ्लावर आर्ट तो कहीं त्रिशूल, चंद्रमा और सर्प की आकृतियां आकर्षण का केंद्र हैं।

मंदिरों में भी डिजिटल आभा, हर ओर शिवधुन
प्रमुख नाथ शिव मंदिर भी फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाए गए हैं। पारंपरिक पुष्पमालाएं हैं तो कहीं भव्य डिजिटल लाइटों से सजे शिखर। संध्या होते ही मंदिरों के आसपास डमरू की थाप और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान होने लगेगा।

संबंधित समाचार