बांग्लादेश में रहमान युग का उदय : 17 फरवरी को बीएनपी प्रमुख लेंगे शपथ, प्रधानमंत्री मोदी को भी न्योता

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Published By Deepak Mishra
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ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन 17 फरवरी को राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक और परंपरा से हटकर होने वाला है। भारत समेत चीन, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मलेशिया जैसे देशों को आमंत्रित किया गया है।

इस समारोह का दिलचस्प पहलू यह है कि यह राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जा रहा है जबकि अभी तक शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होते रहे हैं। बंगभवन (राष्ट्रपति भवन) के एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया, ''हमें सूचित किया गया है कि राष्ट्रपति मंगलवार को संसद परिसर में नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे।''

समाचारपत्र 'प्रोथोम आलो' और 'इत्तेफाक' में प्रकाशित खबर के अनुसार, समारोह के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नव-निर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाएंगे, जबकि संविधान के अनुसार यह शपथ अध्यक्ष शिरीन शरमिन चौधरी द्वारा दिलाई जानी चाहिए। तारिक रहमान के एक प्रमुख सहयोगी ने नाम न उजागर की शर्त पर बताया कि मौजूदा परिस्थितियों ने मामलों को थोड़ा जटिल बना दिया है। 

उन्होंने कहा, ''पिछली संसद की अध्यक्ष को सांसदों को शपथ दिलानी होती है, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और अज्ञात स्थान पर रह रही हैं, जबकि उपाध्यक्ष जेल में हैं। इन परिस्थितियों में राष्ट्रपति संविधान में तय प्रावधान के अनुसार किसी और को शपथ दिलाने के लिए चुन सकते हैं।'' इससे पहले, कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने कहा था कि संविधान के अनुरूप राष्ट्रपति नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे, लेकिन उन्होंने समारोह की तारीख नहीं बताई। 

शपथ ग्रहण समारोह की खास बातें स्थान परिवर्तन : सुरक्षा और अधिक मेहमानों की गुंजाइश को देखते हुए शपथ ग्रहण 'बंगभवन' (राष्ट्रपति भवन) के बजाय जातीय संसद भवन (National Parliament Complex) के साउथ प्लाजा में होगा। SAARC को पुनर्जीवित करने का संकेत: तारिक रहमान ने स्पष्ट किया है कि वे दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (SAARC) को फिर से सक्रिय करना चाहते हैं, जिसकी शुरुआत उनके पिता जियाउर रहमान ने की थी।

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फ्रांसीसी राष्ट्रपति का दौरा : 17 फरवरी को ही मुंबई में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक और MoU पर हस्ताक्षर होने हैं।

रणनीतिक संतुलन : भारत, बांग्लादेश के साथ रिश्तों को सुधारना चाहता है, लेकिन शेख हसीना की मौजूदगी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावनाओं को देखते हुए भारत सावधानी बरत रहा है। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर या उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

तारिक रहमान की विदेश नीति के 3 स्तंभ

संतुलन : रहमान ने स्पष्ट किया है कि उनकी नीति किसी एक देश पर आधारित न होकर "बांग्लादेश के हित" पर केंद्रित होगी।

चीन का महत्व : उन्होंने चीन को विकास का बड़ा सहयोगी बताया है।

भारत से संबंध : उन्होंने भारत के साथ "आपसी सम्मान और संवेदनशीलता" के आधार पर रचनात्मक संबंधों की इच्छा जताई है।

कौन हैं तारिक रहमान?

पारिवारिक पृष्ठभूमि: पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और तीन बार की पीएम रहीं स्वर्गीय खालिदा जिया के बड़े बेटे।

लंबा निर्वासन: भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 17 साल तक लंदन में रहे, दिसंबर 2025 में ही स्वदेश लौटे।

बड़ी जीत : हालिया चुनाव में उनकी पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटों पर जीत हासिल कर दो दशक बाद सत्ता में वापसी की है।

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