कानपुर मे महाशिवरात्रि पर उत्साह: शिवालयों में जलाभिषेक, बारात में नाचे भक्त...लगे जयकारे
कानपुर, अमृत विचार। शहर में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व उल्लस के साथ मनाया गया। शिवालयों में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ा, जयकारों के साथ माहौल में भव्यता आ गई। कई स्थानों से शिवबारात भी निकली। जिसमें विवाह की रस्मों में शिवभक्त झूमे। देर रात शिव मंदिर आकर्षक रौशनी से नहा उठे। शिव मंदिर में भोर से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। हर-हर, बम-बम के जयकारों के साथ मंदिर की ओर से जाते हुए युवा उत्साह जता रहे थे। मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त कतारों में दर्शन की अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
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परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर व जागेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। यहां पर देर रात तक भक्त महादेव के दर्शन करने के लिए आतुर रहे। उधर वनखंडेश्वर मंदिर व नागेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों के दर्शन के बाद महादेव का विशेष शृंगार किया गया। मंदिर में शाम को हुई विशेष आरती में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। उधर शहर में महाशिवरात्रि पर शिव बारात भी निकली।
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लालबंगला व भूसाटोली से निकली शिवबारात में झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। बारातों का कई स्थानों पर स्वागत भी हुआ। लालबंगला से निकली बारात में इस बार दिल्ली से आया बैंड सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। शिव बारात में 12 रथ प विभिन्न देवी देवता विराजमान रहे। इसी तरह 14 झांकियों के माध्यम से शिव तांडव,काली नृत्य सहित अन्य धार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किए गए। लालबंगला से उठकर शिव बारात सिद्धनाथ धाम पहुंची। यहां पर बारात का आतिशबाजी के बीच स्वागत किया गया। शिव बारात के साथ चल रहे भक्तों के लिए सिद्धनाथ धाम मंदिर के पास विशेष भंडारा भी आयोजित किया गया।
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उधर भूसाटोली से भी भक्तों की ओर से शिव बारात निकाली गई। यह शिव बारात नयागंज स्थित नागेश्वर मंदिर पहुंची। रास्ते में भक्तों की ओर से शिव बारात का आरती कर स्वागत किया गया। बारात के साथ चल रहे भक्तों के जलपान के लिए कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। बारात के बाद वरमाला का प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया। बारात के बाद शिव मंदिर में महादेव का विशेष शृंगार किया गया। इस शृंगार में महादेव को दूल्हा रूप में सजाया गया। उधर देर रात तक शहर के शिव मंदिर रौशनी की तरह से सजाए गए।
251 दियों का दीपदान
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महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों की ओर से गंगा आरती भी आयोजित हुई। मां गंगा सेवा समिति की ओर से गंगा आरती भी आयोजित हुई। सिद्धनाथ घाट में हुई गंगा आरती में बालयोगी अरुणपुरी चैतन्यजी महाराज ने गंगा अभिषेक किया। इस दौरान चुनरी भी चढ़ाई गई। आरती में भक्तों की ओर से 251 दीपकों को गंगा में दान किया गया। शाम को गंगा की धारा में प्रवाहित किए गए दीपक सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। इसी तरह अटल घाट में भी गंगा भक्तों की ओर से आरती कर महाशिवरात्रि पर्व को मनाया गया। मेस्कर घाट पर भी आरती के दौरान भक्तों की ओर से गंगा का अभिषेक किया गया।
मंदिरों में बनी रील
पर्व के दौरान युवाओं की ओर से शिव मंदिरों में जमकर रील बनाई भी बनाई गई। आनंदेश्वर मंदिर के रास्तों और सिद्धनाथ मंदिर में युवाओं की ओर से बनाई जा रही रील को देखने के लिए भीड़ भी लगी। इसी तरह गंगा घाटों पर भी रील बनाने वालों की भीड़ के चलते नाविकों का भी कारोबार तेज रहा। सरसैया घाट, परमट घाट, मेस्कर घाट और सिद्धनाथ घाट में भी गंगा की धारा पर रील बनाने के लिए युवाओं की होढ़ लगी रही। सिद्धनाथ मंदिर में रील बना रहे युवाओं को भक्तों की ओर से रोका भी गया।
