यूपी विधान परिषद में मॉडीफाइड साइलेंसर का उठा मुद्दा, नियम 115 के तहत प्रभावी कार्रवाई की मांग

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य विजय बहादुर पाठक ने सोमवार को नियम 115 के अंतर्गत मॉडीफाइड साइलेंसर से हो रहे ध्वनि और वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट किया और इस पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। 

विजय बहादुर पाठक ने प्रमुख सचिव, विधान परिषद को भेजे गए अपने पत्र में कहा कि राज्य में योगी सरकार ने यातायात को सुलभ और व्यवस्थित बनाने तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई भी की गई है। 

इसके बावजूद कई जनपदों में तेज रफ्तार और तेज आवाज वाले मॉडीफाइड साइलेंसर युक्त बाइक का संचालन लगातार देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन बाइकों के साइलेंसर की आवाज इतनी तीव्र होती है कि राहगीर घबरा जाते हैं और देखते ही देखते बाइक आंखों से ओझल हो जाती है।

बाइकर गैंग और बाइक के शौकीन लोग मूल साइलेंसर हटाकर मॉडीफाइड साइलेंसर लगा रहे हैं, जो पटाखे जैसी आवाज उत्पन्न करते हैं और आम लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत इस प्रकार का मॉडीफिकेशन नियमों के विरुद्ध है। 

विजय बहादुर पाठक ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका में निर्धारित 80 डेसिबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन में 28 जुलाई 2021 को परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद व्यापक स्तर पर कार्रवाई भी हुई थी। 

उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन शिथिलता के कारण ऐसे वाहनों की संख्या फिर बढ़ रही है। इसलिए आवश्यक है कि न केवल ऐसे वाहनों पर बल्कि उन स्थानों पर भी सख्ती की जाए, जहां साइलेंसर मॉडीफाई किए जाते हैं, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और आमजन को राहत मिल सके। 

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