बाराबंकी : मण्डलायुक्त ने तहसील सिरौलीगौसपुर का किया निरीक्षण, कहा- हर व्यक्ति के शिकायतों का हो पारदर्शी निस्तारण
सिरौलीगौसपुर/बाराबंकी, अमृत विचार। मण्डलायुक्त अयोध्या राजेश कुमार ने तहसील सिरौली गौसपुर का सघन निरीक्षण कर विभिन्न कार्यालयों, अभिलेखागारों और न्यायालय शाखाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों के निस्तारण और कार्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
मण्डलायुक्त ने तहसील परिसर में उपस्थित फरियादियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और निर्देशित किया कि तहसील आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन के साथ सहयोगपूर्ण, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने सभी प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टि आधारित निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय सहित सभी राजस्व न्यायालयों का अवलोकन किया और लंबित राजस्व वादों के निस्तारण की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
मण्डलायुक्त ने आदेश दिए कि मंत्री परिषद द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और संबंधित बार एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित कर निस्तारण में गति लाई जाए। साथ ही, उन्होंने कार्मिकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निस्तारण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी कर्मचारी समय-समय पर मानव सम्पदा पोर्टल पर अपनी जानकारियाँ अद्यतन रखें, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता बनी रहे।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मण्डलायुक्त को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का अनुपालन न केवल तहसील सिरौली गौसपुर में, बल्कि पूरे जनपद की तहसीलों में प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान अजयकांत सैनी, अपर आयुक्त अयोध्या मण्डल, निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी, और तेजस के0, जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी सिरौली गौसपुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्ट्रेट अभिलेखागारों का किया निरीक्षण, जताई संतुष्टि
बाराबंकी: सिरौलीगौसपुर तहसील का निरीक्षण करने के बाद मण्डलायुक्त राजेश कुमार ने मंगलवार दोपहर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न अभिलेखागारों और कार्यालयों का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव और जनसेवा से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मण्डलायुक्त ने शस्त्र अनुभाग, आंग्ल अभिलेखागार, न्यायिक अभिलेखागार, आपदा अभिलेख शाखा, शिकायत प्रकोष्ठ और राजस्व अभिलेखागार का क्रमवार निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों की सुरक्षित रखरखाव प्रणाली, फाइलों के संधारण और अभिलेखों की उपलब्धता की स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों के साथ कार्यप्रणाली पर चर्चा की। इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने आपदा कंट्रोल रूम, संयुक्त कार्यालय, ई-डिस्ट्रिक्ट कंप्यूटर लैब और सदर नजारत कार्यालय का अवलोकन किया।
उन्होंने ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता, नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं के संचालन की स्थिति का जायजा लिया और सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एडीएम न्यायालय का निरीक्षण कर मण्डलायुक्त ने लंबित मामलों, जनसुनवाई व्यवस्था और अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया। निरीक्षण के उपरांत मण्डलायुक्त ने बताया कि अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और कार्यालयों में कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।
कुछ स्थानों पर मामूली कमियां पाई गई हैं, जिन्हें संबंधित अधिकारियों द्वारा दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईजीआरएस के लगभग 90 प्रतिशत प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण हुआ है, जो जिलाधिकारी और उनकी टीम के बेहतर समन्वय का परिणाम है। निरीक्षण के दौरान एडीएम निरंकार सिंह, एडीएम राजकुमार सिंह, एसडीएम आनंद तिवारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तेजस के, गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार भूपेंद्र सिंह सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
