एनएचएम कर्मियों में आक्रोश... उपमुख्यमंत्री के बयान पर भड़के, 25 फरवरी से शुरू होगा राज्यव्यापी ज्ञापन अभियान

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उप्र. ने उप मुख्यमंत्री के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें कहा गया कि एनएचएम कर्मियों का नियमितीकरण उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। संगठन ने इसे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए निराशाजनक और मनोबल तोड़ने वाला बताया है।

गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में संघ का कहना है कि एनएचएम, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित है। ऐसे में हजारों संविदा कर्मियों के नियमितीकरण से जुड़े नीतिगत निर्णय स्वास्थ्य विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश में वर्षों से कार्यरत एनएचएम कर्मियों को न सेवा सुरक्षा मिल रही है, न समान कार्य के लिए समान वेतन और न ही सामाजिक सुरक्षा।

संगठन ने घोषणा की है कि 25 फरवरी 2026 से प्रदेश के सभी जिलों में जिला अधिकारियों के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसमें नियमितीकरण की स्पष्ट नीति, चरणबद्ध कार्ययोजना, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा (ईपीएफ, ग्रेच्युटी, बीमा) सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि शीघ्र सकारात्मक निर्णय न होने पर आगे की रणनीति घोषित की जाएगी।

 

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