बाराबंकी में युवती की जलकर मौत : आधी रात में हुआ अंतिम संस्कार, बेनतीजा रही जांच
सूरतगंज, बाराबंकी, अमृत विचार : संदिग्ध दशा में युवती की जलकर हुई मौत के मामले में जांच में जुटी पुलिस के हाथ कोई साक्ष्य नहीं लग सका है। घटना हत्या है या आत्महत्या, इसको लेकर पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इस बीच शुक्रवार देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मृत युवती का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता अंतिम संस्कार का विरोध करते रहे।
बताते चलें कि गुरुवार की दोपहर मोहम्मदपुर खाला थाने से सौ मीटर की दूरी पर एक किशोरी संदिग्ध रूप से जलती देखी गई। पुलिस इलाज के लिए लखनऊ सिविल अस्पताल ले जा रही थी लेकिन रास्ते में ही युवती ने दम तोड़ दिया। महिला पुलिस को दिए बयान में पेट्रोल पंप में कार्यरत कर्मचारी अखिलेश पर आग लगाने का आरोप लगाया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद आत्महत्या बता रही पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। उधर मौत के बाद बढ़े विवाद के बीच पुलिस ने हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
पुलिस का कहना था कि अभी कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। दूसरी ओर मौत के बाद युवती का शव शुक्रवार रात घर पहुंचा, जहां पर भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए और नौकरी, मुआवजा, खेती योग्य जमीन के पट्टे आदि की मांग रखने के साथ ही शव के अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। इस पर एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह व एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने आश्वस्त कर पुलिस बल की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया। पुलिस, सर्विलांस सेल और फॉरेंसिक टीम के मदद से साक्ष्य एकत्र कर आत्महत्या अथवा हत्या की पहेली सुलझाने की बात कह रही है। वहीं पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। कोतवाल आशुतोष मिश्र ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। घटना का शीघ्र अनावरण किया जाएगा।
घटना के बाद जुटे विधायक व प्रशासन
शनिवार को प्रधान पुत्र प्रसून बाजपेई के साथ पहुंचे मृतका के भाई और बहन से विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा व उपजिलाधिकारी फतेहपुर कार्तिकेय सिंह ने मिलकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिलाया और राशन किट भी प्रदान की। प्रधान पुत्र को पीड़ित परिवार को अन्तोदय राशन कार्ड के साथ विधवा मां और दिव्यांग बच्चों को पेंशन दिलाने की कार्रवाई पूरी करने को कहा गया। आवास व शौचालय का लाभ पूर्व में दिया जा चुका है। श्रम विभाग से नौकरी और मुआवजे को लेकर एसडीएम ने पत्राचार शुरू कर दिया है।
