शाहजहांपुर : लापता पशु अस्पताल कर्मचारी का शव कूड़े के ढेर में मिला

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Published By Pradeep Kumar
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परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, दस दिन से लापता थे, पत्नी ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी

शाहजहांपुर, अमृत विचार। लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिउरा मोड़ पर कुड़े के ढेर में पशु अस्पताल के कर्मचारी का शव संदिग्ध अवस्था में मिला है। कर्मचारी 10 दिन से लापता थे। ड्यूटी पर जाने के बाद घर नहीं लौटे थे। परिवार वालों ने कटरा में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे है। फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच करने के बाद नमूना लिया। सीओ तिलहर ज्योति यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद परिवार वालों से जानकारी की।

मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला आतिशबजान निवासी 48 वर्षीय हसमत अली उर्फ मुन्ना कस्बा में पशु अस्पताल में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। 16 फरवरी की सुबह नौ बजे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटे थे। परिवार वालों ने उनकी रिश्तेदारी आदि में तलाश की, पर उनका पता नहीं चल सका था। 19 फरवरी को नाजिश ने पति हसमत अली की कटरा थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस और परिवार वाले उसकी तलाश कर रहे थे। गुरुवार को दिन में करीब 11 बजे लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर सिउरा मोड़ पर कूड़ों के ढेर में लोगों ने एक शव पड़ा देखा। कूड़ों के ढेर में उनकी टांग दिखायी दे रही थी। राहगीरों की भीड़ लग गयी। इस दौरान कर्मचारी हसमत अली की पत्नी को सूचना मिली तो वह परिवार के साथ मौके पर गयी। इधर सूचना मिलने पर कटरा प्रभारी निरीक्षक अवधेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कचरे से शव को बाहर निकाला। नाजिश की शव की शिनाख्त पति हसमत अली के रूप में की। प्रभारी निरीक्षक ने शव मिलने की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी। सीओ तिलहर ज्योति यादव मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के भाई अजमत अली उर्फ भोला ने उसके भाई की किसी से रजिंश नहीं थी और अभी तक किसी पर शक नहीं है। उन्होंने हत्या की आशंका जतायी है। शव का मांस गल गया था और कीड़े पड़ गए थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

दोपहर बाद कार्यालय नहीं गया था
मृतक हसमत अली कस्बा में ही पशु अस्पताल में चपरासी के पद था। 16 फरवरी की सुबह ड्यूटी पर गया था। दोपहर 12 बजे खाना खाने के लिए आया। उसके बाद अस्पताल नहीं गया था। वह मोबाइल नहीं रखते थे और पैदल ही डियूटी जाते थे। शव गल जाने से चोट के निशान नहीं प्रतीत हो रहे है। दोपहर को खाना खाने के बाद कहां गए, किसी को कुछ जानकारी नहीं है।

पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक हसमत अली की पत्नी का नाम नाजिश उर्फ गुड्डी और एक साल का पुत्र अलफेज है। परिवार में भाई और अन्य लोग है। उसने कूड़े के ढेर में पति का शव देखा तो विलख-विलख कर रो पड़ी और बेहोश हो गयी। वह रो-रोकर कह रही थी कि मेरे पति ने क्या बिगाड़ा था, जो मार डाला है। उसके पति की मौत का राज खोला जाए। परिवार वाले उसे घर पर ले गए। मृतक के घर पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ लग गयी। लोगों की जुबान से निकल रहा था, बहुत बुरा हुआ है।

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