केजरीवाल और सिसोदिया के बरी होने से जांच एजेंसियों की मनमानी उजागर हुई : महबूबा मुफ्ती
श्रीनगर : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि भ्रष्टाचार के एक मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य नेताओं को अदालत द्वारा बरी किए जाने से जांच एजेंसियों की 'मनमानी' उजागर हुई है। मुफ्ती ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आज के फैसले में केजरीवाल, (पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष) सिसोदिया और कविता (भारत राष्ट्र समिति की निलंबित नेता) को आबकारी शुल्क नीति मामले में बरी किए जाने से जांच एजेंसियों की मनमानी उजागर होती है।''
उन्होंने कहा कि जब एजेंसियों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है, तो न्याय सबसे पहले शिकार बनता है और सच्चाई 'सालों के दर्द और आंसुओं' के बाद ही सामने आती है। उन्होंने कहा, '' प्रथम दृष्टया कोई मामला ही नहीं है। कोई विश्वसनीय सबूत भी नहीं है। फिर भी वर्षों तक (इन नेताओं को) कैद में रखा गया। सत्ता का दुरुपयोग और संस्थाओं का हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से ज्यादा खतरनाक कुछ नहीं है। फिर भी, यह सब बेरोकटोक जारी है।''
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से संवेदनशील शराब नीति मामले में बरी कर दिया। अदालत ने सीबीआई के आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। इन दोनों नेताओं के अलावा 21 और आरोपी इस मामले में अदालत से बरी कर दिये गये।
