स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक : कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
प्रयागराज, अमृत विचार : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जब तक आदेश नहीं सुनाया जाता, तब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी नहीं होगी। हालांकि कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जांच में सहयोग करने का निर्देश जारी किया है। हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद अब सभी की नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
दरअसल, न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की और से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार एवं मुकदमा के वादी आशुतोष पांडेय को इस मामले में अपने जवाब दाखिल करने को भी कहा है। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया, जिसके मार्च के तीसरे सप्ताह में सुनाए जाने की संभावना है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अधिवक्ता दिलीप गुप्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता आशुतोष पांडेय काई आपराधिक मामलो में लिप्त रहे हैं और याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के इशारे पर इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित बटुक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में कभी नहीं रहे। वहीं, दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत की याचिका की पोषणीयता पर यह कहते हुए सवाल किया गया कि अग्रिम जमानत याचिका सत्र अदालत में दायर करने के बजाय सीधे उच्च न्यायालय में दायर की गई है। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत के निर्देश पर झूंसी पुलिस थाना में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें उन पर बटुकों के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया गया है।
