लखनऊ विश्वविद्यालय के महिला छात्रावासों में पुरुष कर्मचारी पर सख्ती: मेस ठेका रद्द करने की चेतावनी, कुलपति ने लिया बड़ा फैसला

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ विश्वविद्यालय के महिला छात्रावासों में अधिकतम महिला कर्मचारी नियुक्त की जाएंगी। मेस के संचालन से लेकर भोजन वितरण भी महिलाओं के ही हाथ में होगा। पुरुष कर्मचारी काम करते पाए गए तो मेस मैनेजर और ठेकेदार पर होगी कार्यवाही। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने इसे लेकर कड़ा निर्णय लिया है जिससे छात्राओं को अधिक सहजता और सुरक्षा का अनुभव हो। उल्लेखनीय है कि गत दिनों विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस स्थित गंगा छात्रावास में छात्राएं दूषित भोजन के कारण बीमार हो गई थी। जिसके बाद कुलपति, कुलानुशासक व कुलसचिव ने छात्रावास का निरीक्षण किया था जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गई थी।

गंगा गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश करते ही कुलपति ने छात्रावास के कमरों, कॉमन रूम और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया था। इसके पश्चात उन्होंने मेस का निरीक्षण किया, जहां उन्हें व्यवस्थागत खामियां दिखाई दीं। भोजन परोसने के कार्य में पुरुष कर्मियों की नियुक्ति पर नाराजगी प्रगट करते हुए तत्काल प्रोवोस्ट को निर्देशित किया कि इस कार्य में महिला कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह परिवर्तन आवश्यक है। कुलपति ने छात्रावास की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि सभी तकनीकी और संरचनात्मक कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। कुलपति ने होमी जहांगीर भाभा बॉयज़ हॉस्टल की क्षमता के अनुसार डाइनिंग एरिया में कम से कम 25 प्रतिशत फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रतिदिन होगी छात्रावासों में बैठक

कुलपति ने निर्देश दिया है कि सभी छात्रावासों में प्रतिदिन एक घंटे की नियमित बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों का समय-सारणी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए ताकि छात्राएं अपनी समस्याओं को समयबद्ध रूप से साझा कर सकें। मेस से जुड़ी शिकायतों की जांच में गंभीर त्रुटियां सामने आईं। जिसके लिए पांच सदस्यीय समिति जांच करेगी। इस समिति के समक्ष मेस ठेकेदार संतोषजनक कारण नहीं दे पाते हैं तो उनका ठेका रद्द किया जाएगा।

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