Bareilly : चंद्रग्रहण ने तोड़ी दशकों पुरानी परंपरा, बमनपुरी-चाहबाई के बीच नहीं होगी रंगों की मोर्चाबंदी
बरेली, अमृत विचार। शहर की ऐतिहासिक राम बरात और नरसिंह भगवान की शोभायात्रा के घंटाघर पर मिलन होने के बाद जबर्दस्त तरीके से होने वाली रंगों की मोर्चाबंदी इस बार देखने को नहीं मिलेगी। श्री रामलीला सभा की ओर से निकलने वाली राम बरात इस बार चंद्रग्रहण की वजह से सोमवार को निकाली जाएगी।
प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि चंद्रग्रहण की वजह से एक दिन पहले रामबरात को सोमवार को निकाला जाएगा। वहीं, चाहवाई से निकलने वाली भगवान नरसिंह की शोभा यात्रा मंगलवार को निकाली जाएगी। नरसिंह भगवान शोभा समिति के अध्यक्ष विजय शर्मा ने बताया कि नरसिंह भगवान विराट रूप हैं, सारे ग्रह उनके अधीन होते हैं। हमने विद्धानों से भी जानकारी की थी। उन्होंने भी कहा कि इसमें कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।
वहीं, चंद्रग्रहण के चलते बमनपुरी और चाहबाई की रामबरातों का दशकों पुराना साथ और मोर्चाबंदी इस बार देखने को नहीं मिलेगी। परंपरा के अनुसार, दोनों क्षेत्रों की रामबरातें कुतुबखाना चौराहे, घंटाघर पर एक साथ मिलकर भव्य मोर्चाबंदी करती थीं। दशकों से चली आ रही साझा परंपरा के टूटने से श्रद्धालुओं में थोड़ी मायूसी है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं और ग्रहण के सूतक काल को देखते हुए आयोजकों ने यह फैसला लिया है, लेकिन रामबरात इस बार भी धूमधाम से निकाले जाने की तैयारी है।
राम बरात का रूट
सोमवार को निकलने वाली रामबरात नरसिंह मंदिर मलकपुर से प्रारंभ होकर बिहारीपुर ढाल, घंटाघर, कोतवाली, रोडवेज, कालीबाड़ी, श्यामगंज, मटकी चौकी, शिवाजी मार्ग, बड़ा बाजार, किला, सिटी सब्जी मंडी होते हुए ब्रह्मपुरी नरसिंह मंदिर पर संपन्न होगी। रामबरात का जगह-जगह स्वागत किया जाएगा।
नरसिंह भगवान की शोभा यात्रा का रूट
3 मार्च को निकलने वाली नरसिंह भगवान की शोभायात्रा अग्रवंशी टैंट हाउस चाहबाई से प्रारंभ होगी, जो गुद्दड़बाग, बानखाना, गौरी शंकर मंदिर गुलाब नगर चौराहा से चाहबाई, कोहाड़ापीर कोहली क्लाथ हाउस से दयानंद चौक से नावल्टी चौराहा, बरेली कालेज गेट, श्यामगंज चौराहा, पीली कोठी, दयानंद चौक से कोहाड़ापीर होते हुए चाहबाई काली मंदिर पर संपन्न होगी।
