ईरान-इजरायल युद्ध: चौथे दिन खुला लेबनान का मोर्चा, मरने वाले ईरानियों की संख्या 787 पर पहुंची
तेहरान/तेल अवीव। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई के चौथे दिन लेबनान का मोर्चा खुल गया। इजरायल ने लेबनान की सीमा पार की और लेबनानी फौजों को सीमा पर बनी कई चौकियों को खाली करके पीछे हटना पड़ा। इस बीच ईरान में बीते चार दिनों में मरने वालों लोगों की संख्या 787 पहुंच गयी।
लेबनान पर इजरायल के जोरदार हमले के बाद इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि सेनाओं को लेबनान में और कई रणनीतिक जगहों पर कब्जा करने की इजाजत दे दी गयी है। यह कदम उनके देश की सीमा पर रह रहे लोगों के लिए बहुत जरूरी है। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने ज़ोर देकर कहा कि यह कदम लेबनान में किसी बड़े ज़मीनी हमले की शुरुआत नहीं है। गौरतलब है कि लेबनान के दक्षिणी इलाकों से ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह का नियंत्रण है। वह अपनी गतिविधियां वहीं से चलाता है। इससे पहले, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मौजूद अमेरिका के दूतावास पर एक ड्रोन हमला हुआ। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा, "शुरुआती अनुमान के मुताबिक, रियाद में अमेरिकी दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाया गया है। इस घटना में हल्की आग लगी और इमारत को मामूली नुकसान हुआ।" रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब ने अब तक आठ ड्रोन मार गिराये हैं। इन हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास ने कहा कि उसने अपने मिशन पर ड्रोन हमले के बाद सेवाएं स्थगित कर दी हैं। ईरान ने अतिव्यस्त समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक अधिकारी ने कहा कि होर्मुज मार्ग को बंद कर दिया गया है और जो जहाज वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर हमला किया जाएगा। गार्ड के कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जबारी के हवाले से कहा गया, " होर्मुज बंद है। अगर कोई गुजरने की कोशिश करता है, तो रिवोल्यूशनरी गार्ड और नौसेना उन जहाजों पर हमला कर देंगे।"
गौरतलब है कि होर्मुज मार्ग लगभग 33 किलोमीटर चौड़ा है जो सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात सहित बड़े तेल तेल उत्पादकों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर के रास्ते वैश्विक बाजार से जोड़ता है। दुनिया भर में होने वाली तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस दौरान पश्चिमी एशिया की ऊर्जा इकाइयों पर संकट के बादल छाए रहे। ओमान की बंदरगाह दुकम में एक तेल भंडारण इकाई को मंगलवार को ड्रोन हमले के बाद नुकसान पहुंचा। वहीं, कतर एनर्जी ने ड्रोन हमलों के बाद तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का उत्पादन रोक दिया। यह कदम तब उठाया गया जब सऊदी अरब ने पुष्टि की कि उसने एक अलग ड्रोन हमले के बाद आग लगने के कारण रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी की कुछ इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च-मध्यम श्रेणी के हथियारों का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने कहा कि हथियारों के भंडारण के मामले में वह "इतने मजबूत पहले कभी नहीं रहे" इसलिए अगर यह युद्ध 'लंबे समय तक' भी लड़ा जा सकता है। उन्होंने सीएनएन को दिये एक अलग साक्षात्कार में कहा कि कार्रवाई "बहुत प्रभावी" है और अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति का उपयोग कर रहा है। श्री ट्रंप ने कहा कि अगला चरण शीघ्र आने वाला है। उन्होंने इसे "बड़ी लहर" करार देते हुए कहा, "हमने अभी तक उन्हें पूरी ताकत से नहीं मारा है। बड़ी कार्रवाई अभी बाकी है।" इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अभियान का मुख्य ध्यान ईरान की कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और उसकी नौसेना से उत्पन्न खतरे को समाप्त करना है।
