एशिया-प्रशांत क्षेत्र का 5वां व्यस्त एयरपोर्ट बना दिल्ली हवाई अड्डा, Changi-Incheon को छोड़ा पीछे
दिल्ली। दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सिंगापुर के चांगी और दक्षिण कोरिया के इंचियोन हवाई अड्डों को पीछे छोड़ते हुए एशिया-प्रशांत क्षेत्र का पांचवां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बन गया है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में एविएशन एनालिटिक्स फर्म (ओएजी) के हवाले से बताया कि जाने वाले विमानों में साल 2025 में 4.62 करोड़ सीटों की उपलब्धता के साथ दिल्ली हवाई अड्डा पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। साल 2019 में यह नौवें स्थान पर था। इसमें 3.28 करोड़ घरेलू सीटें शामिल हैं।
डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जैपुरियार ने कहा, "एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष पांच सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में दिल्ली एयरपोर्ट का उभरना देश के विमानन क्षेत्र की विकास यात्रा की मजबूती और हमारी दीर्घकालिक हब विकास रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
दिल्ली भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार और एशिया तथा यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र बनता जा रहा है। हम देश में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग और दिल्ली को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में क्षमता, संपर्क और यात्री अनुभव को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
ओएजी हवाई अड्डों की रैंकिंग वहां से रवाना होने वाले विमानों में उपलब्ध सीटों की संख्या के आधार पर की जाती है। दिल्ली हवाई अड्डे ने इस मामले में थाईलैंड के सुवर्णभूमि हवाई अड्डा, सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डा और दक्षिण कोरिया के इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा को पीछे छोड़ दिया है। इस मामले में शीर्ष पांच हवाई अड्डों में टोक्यो इंटरनेशनल एयरपोर्ट (हनैदा), शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्वांगझोउ बाययुन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली एयरपोर्ट शामिल हैं।
