बरेली: अब क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी करेंगे रैगिंग की जांच

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज में परिचय के नाम पर रैगिंग की जांच पर पीड़ित छात्र को भरोसा नहीं है। उसने जांच पर सवाल खड़े करते हुए सोमवार को एडीएम प्रशासन वीके सिंह से शिकायत की। एडीएम ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। …

अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज में परिचय के नाम पर रैगिंग की जांच पर पीड़ित छात्र को भरोसा नहीं है। उसने जांच पर सवाल खड़े करते हुए सोमवार को एडीएम प्रशासन वीके सिंह से शिकायत की। एडीएम ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

इसकी एक कॉपी कुलपति को भी भेजी गई है। वंश अपने पिता के साथ एडीएम से शिकायत करने पहुंचा था। उसने रविवार रात में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से भी शिकायत की थी। एसएसपी ने धाराएं बढ़ाकर कार्रवाई की बात कही है।

बता दें कि 3 दिसंबर को एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र वंश चतुर्वेदी ने परिचय के नाम पर रैगिंग का आरोप लगाया था। उसने मारपीट का भी आरोप लगाया था। इसकी जांच 15 दिन में पूरी हुई। एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में भी साफ हो गया था कि जांच में रैगिंग को साफ नकार दिया गया था। तीन दिन बाद जब प्राचार्य ने रिपोर्ट पढ़ी तो सिर्फ एक लाइन की जानकारी दी गई कि कॉलेज में रैगिंग नहीं हुई थी।

दो-दो संयोजक कमेटी के बनाए गए और जो पहले से निर्णय तय था वही हुआ। प्राचार्य ने दोषी छात्रों पर कार्रवाई के लिए चीफ प्रॉक्टर को आदेश दे दिए हैं। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब रैगिंग नहीं हुई तो छात्र दोषी कैसे हो गए और दोषी किस मामले में हुए हैं। मारपीट में दोषी हैं तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? वहीं, पीड़ित छात्र ने भी जांच रिपोर्ट को लेकर संतुष्टि नहीं जताई है। इस मामले में पीड़ित छात्र पर पहले से ही समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। अब जांच रिपोर्ट के बाद भी उसे शांत रहने के लिए कहा गया है।

संबंधित समाचार