बार-बार गर्भपात भी सर्वाइकल कैंसर का कारण, जानें कैसे हो सकता है बचाव
लखनऊ, अमृत विचार : नवयुग कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना से सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। चौथे दिन ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान पर महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर विषयों पर दो सत्राें में व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस मौके पर लगे निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय नागरिकों की स्वास्थ्य जांच कर परामर्श दिया गया।
प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय के मार्गदर्शन में हुए आयोजन के पहले पत्र में महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर विषय पर व्याख्यान में स्त्री वेलफेयर फाउंडेशन की नैंसी सिंह ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर लाइलाज नहीं है, समय रहते स्वयं परीक्षण और जागरूकता की जरूरत है। द्वितीय सत्र में सर्वाइकल कैंसर विषय पर व्याख्यान में एल्डा फाउंडेशन की चेयरमैन डॉ. पूजा शाहीन ने सर्वाइकल कैंसर के कारणों और बचाव के बारे में बताया। उन्होंने मेंस्ट्रुअल हाइजीन के पालन, बिना डॉक्टरी सलाह किसी भी क्रीम या साबुन का उपयोग न करने और पुराने अंतःवस्त्र हर छह महीने में बदलने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि बार-बार गर्भपात, लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन और मल्टीपल पार्टनर्स सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण हैं। छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन, सर्वाइकल स्क्रीनिंग और एचपीवी डीएनए जांच के महत्व को भी बताया। डिजिटल सुरक्षा पर आयोजित इंटरएक्टिव सत्र में ‘वेरिफाई यू’ के कौशिक साहनी और राहुल चंदानी ने ‘सेफ्टी ऐप’ के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ऐप दुर्घटना के समय महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाने में सहायक हो सकता है।
शिविर के अंतिम चरण में पीडीलाइट संस्था की मंजू प्रकाश ने छात्राओं के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की, जिसमें ग्लास पेंटिंग, ग्लास कलर टेक्सचर और लिक्विड एम्ब्रॉयडरी का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. श्वेता उपाध्याय धर, डॉ. मनीषा बड़ौनियां, डॉ. चंदन मौर्या और दीक्षा सहित अन्य मौजूद रहे।
