शाहजहांपुर: जिला जेल में कंबल वितरण की आड़ में दुष्कर्म के दोषी आसाराम का सत्संग
अमृत विचार, शाहजहांपुर। जिला जेल में दुष्कर्म के दोषी आसाराम का फोटोयुक्त बैनर लगाकर सत्संग किया गया। आसाराम केस में गवाह कृपाल सिंह के हत्यारोपियों ने आसाराम का महिमामंडन करने वाली किताबें भी बांटीं। बंदियों को कंबल वितरित किए। इस मामले में रेप पीड़िता के पिता ने आपत्ति जताई है और जांच की मांग की …
अमृत विचार, शाहजहांपुर। जिला जेल में दुष्कर्म के दोषी आसाराम का फोटोयुक्त बैनर लगाकर सत्संग किया गया। आसाराम केस में गवाह कृपाल सिंह के हत्यारोपियों ने आसाराम का महिमामंडन करने वाली किताबें भी बांटीं। बंदियों को कंबल वितरित किए। इस मामले में रेप पीड़िता के पिता ने आपत्ति जताई है और जांच की मांग की है। मामले के तूल पकड़ने पर जेल प्रशासन सिर्फ कंबल बांटने की बात कह रहा है।
दुष्कर्म के मामले में आसाराम दोषी पाया गया था। इसी केस में गवाह कृपाल सिंह की हत्या के मामले में आरोपी नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र और अर्जुन जेल में बंद रहे थे। उन्हीं लोगों ने शहर के कुछ लोगों की मदद से जिला कारागार में आसाराम का सत्संग किया और कंबल के साथ आसाराम का प्रचार करने वाली पुस्तिकाएं भी वितरित कीं।
जेल प्रशासन ने इस कार्यक्रम की प्रेस रिलीज भी जारी कर दी। इसमें बताया कि लखनऊ स्थित आसाराम बापू आश्रम की तरफ से कंबल भेजे गए हैं। नारायण पांडेय व अर्जुन की ओर से कंबल व आसाराम का गुणगान करने वाली पुस्तिकाएं बांटी गईं। कार्यक्रम में आसाराम की फोटो लगा बैनर भी लगाया गया था। सोमवार देर शाम प्रेस नोट और फोटो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया तो जेल प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया ग्रुप से फोटो डिलीट कर दी गईं।
गुणगान करने से नहीं चूकते गुर्गें
आसाराम ने 2013 में शाहजहांपुर की एक छात्रा से दुष्कर्म किया था। 2018 में राजस्थान की जोधपुर कोर्ट ने इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तब से वह जेल में सजा काट रहा है। आसाराम के गुर्गे अब भी उसका गुणगान करने से नहीं चूकते हैं। आसाराम केस के गवाह की हत्या में जिला कारागार में बंद रहे नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र और अर्जुन से कंबल बंटवाते समय जेल प्रशासन ने कोई सोच-विचार नहीं किया।
इसके बाद जब आसाराम का फोटोयुक्त बैनर लगाया गया तो वहां जेल अधिकारी मौजूद रहे लेकिन एतराज नहीं किया गया। जेल प्रशासन की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में आसाराम का महिमामंडन करती पुस्तकों का वितरण का भी जिक्र था। हालांकि अब जेल प्रशासन इससे इंकार कर रहा है।
जेल प्रशासन की सफाई
दुष्कर्म के मामले में गवाह की हत्या के आरोपी नारायण पांडेय जमानत पर जेल से बाहर है। वह करीब सात माह पहले इस जेल से निकला था। तब उसने बंदियों को कंबल बांटने की इच्छा जताई थी। कार्यक्रम में सिर्फ कंबल बांटे गए। किताबें नहीं बांटी गईं।-राकेश कुमार, जेल अधीक्षक
