योगी सरकार में डेटा सेंटर पार्कों को 24 घंटे बिजली देने की व्यवस्था: ओपन एक्सेस से कंपनियों को सस्ती बिजली खरीदने की सुविधा

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश को देश का प्रमुख डेटा सेंटर हब बनाने के लिए योगी सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर पॉलिसी 2021 के तहत डेटा सेंटर पार्कों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि टेक कंपनियों के लिए स्थिर और भरोसेमंद वातावरण तैयार किया जा सके।

सरकार ने डेटा सेंटर उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत को ध्यान में रखते हुए ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई का प्रावधान किया है। इसके तहत डेटा सेंटर पार्कों को दो अलग-अलग बिजली स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी एक ग्रिड में तकनीकी समस्या आती है तो दूसरे स्रोत से बिजली मिलती रहेगी और डेटा सेंटर का संचालन प्रभावित नहीं होगा।

इसके अलावा डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए समर्पित बिजली फीडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर उद्योग के लिए बिजली की निरंतर उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण शर्त होती है और इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह व्यवस्था लागू की है। ऊर्जा लागत कम करने के लिए सरकार ने ओपन एक्सेस के माध्यम से बिजली खरीदने की सुविधा भी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर कंपनियां खुले बाजार से प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली खरीद सकती हैं। इससे संचालन लागत कम होगी और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।

प्रदेश में इस क्षेत्र में निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा में हीरानंदानी समूह का प्रदेश का पहला डेटा सेंटर पार्क संचालन में है, जबकि अडानी और एनटीटी जैसी कंपनियां भी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 5 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत करीब 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाने की योजना है, जिनकी कुल क्षमता लगभग 900 मेगावाट होगी।

ये भी पढ़ें :

 

 

 

 

संबंधित समाचार